एक शक्स यूं मुस्कुराए बैठा है,,
जैसे अपनी हंसी के पीछे बोहत से गम छिपाएं बैठा है…
कहीं कोई पूछ ले हाल उसका तो रो ना दे वो,,
इसीलिए वो अपनी नज़रे यूं झुकाएं बैठा है…
एक शक्स यूं मुस्कुराए बैठा है ।।🥀
एक शक्स यूं मुस्कुराए बैठा है,,
जैसे अपनी हंसी के पीछे बोहत से गम छिपाएं बैठा है…
कहीं कोई पूछ ले हाल उसका तो रो ना दे वो,,
इसीलिए वो अपनी नज़रे यूं झुकाएं बैठा है…
एक शक्स यूं मुस्कुराए बैठा है ।।🥀
यह अधूरा इश्क कब पूरा होगा
होगा भी जा अधूरा रहेगा
ना तुम आए ना पैगाम आया
तुम्हरे पैगाम का कब तक
इंतजार रहेगा
कौन सी जगह है वोह
जहा पर वोह सो गया
ना जाने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया
हम गलियों मै देख आए
ना गलियों मै वोह मिला
हम बात उसकी कर रहे
हमें छोड़ कर जो गया
नाजने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया
हम पहचान बताते हैं उसकी
सफेद रंग और काले घने बाल है।
कहां रहते हैं वोह कोनसे गांव और शहर में
एकेले थे जा कोई नाल है।
काले रंग की पेंट और कमीज़ पहनते है।
एक हाथ मै डायरी और एक हाथ
मे कलम पकड़ कर रखते हैं।
उनकी चाहत सबसे ज्यादा डायरी से
और वोह डायरी को
सिने से जकड़ कर रखते है।
उनका नाम है हर्ष
जो शायरी करते थे
अब तो नाम उनका गुमनाम सा हो गया
ना जाने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया।