एक शक्स यूं मुस्कुराए बैठा है,,
जैसे अपनी हंसी के पीछे बोहत से गम छिपाएं बैठा है…
कहीं कोई पूछ ले हाल उसका तो रो ना दे वो,,
इसीलिए वो अपनी नज़रे यूं झुकाएं बैठा है…
एक शक्स यूं मुस्कुराए बैठा है ।।🥀
एक शक्स यूं मुस्कुराए बैठा है,,
जैसे अपनी हंसी के पीछे बोहत से गम छिपाएं बैठा है…
कहीं कोई पूछ ले हाल उसका तो रो ना दे वो,,
इसीलिए वो अपनी नज़रे यूं झुकाएं बैठा है…
एक शक्स यूं मुस्कुराए बैठा है ।।🥀
waqt de naal me lok badalde vekhe ne
kise nu apna banaun lai
me har tha te mathe teke ne
kadar kare kadar na mile
me lok kujh idha de dekhe ne
kise nu har khushi mile
me ohde lai har thaa mathe teke ne
ਵਕ਼ਤ ਦੇ ਨਾਲ ਮੈਂ ਲ਼ੋਕ ਬਦਲਦੇ ਵੇਖੇ ਨੇ
ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਅਪਣਾ ਬਨੋਣ ਲਈ
ਮੈਂ ਹਰ ਥਾਂ ਤੇ ਮਥੇ ਟੇਕੇ ਨੇ
ਕਦਰ ਕਰੇਂ ਕਦਰ ਨਾ ਮਿਲ਼ੇ
ਮੈਂ ਲੋਕ ਕੁਝ ਇਦਾਂ ਦੇ ਦੇਖੇਂ ਨੇ
ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਹਰ ਖੁਸ਼ੀ ਮਿਲੇ
ਮੈਂ ਓਹਦੇ ਲਈ ਹਰ ਥਾਂ ਮਥੇ ਟੇਕੇ ਨੇ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
कॉलेज तक हम पर ना पढ़ाई की जिम्मेदारी रहती है , और उसके बाद घर की जिम्मेदारी आ जाती है । अपने सपनो को रख कर एक तरफ , अपनो के सपनो को पूरा करने की जिम्मेदारी आती है । क्या करे कोई अगर लाखो की भीड़ में एक शख्स अच्छा लगे , तो उसे भी ठुकराना पड़ता है । प्यार व्यार सब अच्छा नही यही बताकर दिल को अपने मनाना पड़ता है , कभी पढ़ाई की तो कभी घर की जिम्मेदारी से दिल उदास भी हो तो सामने रह कर सबके चेहरे से तो मुस्कुराना पड़ता है । हर किसी को परेशानी अपनी खुद ही पता होती है , वरना दूसरो को खुश चेहरा ही दिखता है । खुद के अलावा किसी को क्या पता की कोन रोज यहां कितनी मुश्किलों में उलझता सा है , छोटा मोटा काम करके घर का खर्चा निकालना होता है । कभी कभी नौबत ऐसी आती है की दस या पंद्रह हजार में , महीना सारा संभालना पड़ता है । यहां से वहा से ले लेकर बच्चो की ख्वाईशे भी पूरी करनी पड़ती है , कोई साथ नही देता यार यहां जिंदगी की ये लड़ाई खुद ही लड़नी पड़ती है ।