Hasde ne o taare jhalliye
bane si gawaah jo tere mere pyaar de
ਹੱਸਦੇ ਨੇ ਉਹ ਤਾਰੇ ਝੱਲੀਏ
ਬਣੇ ਸੀ ਗਵਾਹ ਜੋਂ ਤੇਰੇ ਮੇਰੇ ਪਿਆਰ ਦੇ
नफ़रत का भाव ज्यों ज्यों खोता चला गया, मैं रफ्ता रफ्ता आदमी होता चला गया। फिर हो गया प्यार की गंगा से तर बतर, गुजरा जिधर से सबको भिगोता चला गया। सोचा हमेशा मुझसे किसी का बुरा न हो, नेकी हुई तो दरिया में डुबोता चला गया। कटुता की सुई लेके खड़े थे जो मेरे मीत, सद्भावना के फूल पिरोता चला गया। जितना सुना था उतना जमाना बुरा नहीं, विश्वास अपने आप पर होता चला गया। अपने से ही बनती है बिगड़ती है ये दुनियां, मैं अपने मन के मैल को धोता चला गया। उपजाऊ दिल है बेहद मेरे शहर के लोग, हर दिल में बीज प्यार का बोता चला गया।...
Ajh dig gai o kandh, jo khadi c taredaan vich
hun maithon hor ni turiyaa janda
teriyaan ditiyaan peedan vich
ਅੱਜ ਡਿੱਗ ਗਈ ਓ ਕੰਧ ਜੋ ਖੜੀ ਸੀ ਤਰੇੜਾਂ ਵਿੱਚ
ਹੁਣ ਮੈਥੋਂ ਹੋਰ ਨਈ ਤੁਰਿਆ ਜਾਂਦਾ ਤੇਰੀਆਂ ਦਿੱਤੀਆਂ ਪੀੜਾਂ ਵਿੱਚ