Skip to content

Gile karne shad de || Punjabi sad shayari || Punjabi status

Heart broken Punjabi shayari || sad status || Gile karne shadd de mana
Tu ohnu sahi nahi kehna
Te ohne khud nu galat..!!
Gile karne shadd de mana
Tu ohnu sahi nahi kehna
Te ohne khud nu galat..!!

Title: Gile karne shad de || Punjabi sad shayari || Punjabi status

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Badhte raho || मंज़िल की ओर…|| hindi poetry

सफर जारी है मंज़िल को पाने की।
जंग से लड़ना ही रीत है जहां की।।
बैठे रहने से कुछ भी नसीब नहीं ।
नसीब के भरोसे अकर्मण्यों ने ज़िन्दगी जियी।।

कर पूजन कर्म का तू।
मन में रख कर हौंसला । ।
हौंसला यदि हो बुलन्द।
तय होगा हर फासला।।
ज़िन्दगी समय से है , समय ही ज़िन्दगी ।
यूं न जाने दो समय को , नहीं मिलेगी कोई ख़ुशी।।
कर हर काम समय पर , ज़िन्दगी तुम्हे आसमान पर ला देगी ।
सफलता की सीढिया कदमों पर झुका देगी।।
लड़ो ज़िन्दगी की हर एक जंग से ।
न हारो वक़्त रूपी तुरंग से।।
पल पल अनमोल है ज़िन्दगी की ।
केवल परिश्रम हो तो मिलेगी हर ख़ुशी।।
मंज़िल को पाना आसान नहीं ।
पर मंज़िल को ही छोड़ देना हल नहीं । ।
पार कर राहों के कांटो को ।
बढ़ते रहो मंज़िल की ओर।।

Title: Badhte raho || मंज़िल की ओर…|| hindi poetry


Mother father || Hindi poetry on Maa papa

माता-पिता,
ईश्वर की वो सौगात है,
जो हमारे जीवन की अमृतधार है!
आपसे ही हमारी एक पहचान है,
वरना हम तो इस दुनिया से अनजान थे!
आपके आदर्शों पर चलकर ही,
हर मुश्किल का डटकर सामना करना सीखा है हमने!
आपने ही तो इस जीवन की दहलीज़ पर हमें,
अंगुली थामे चलना और आगे बढ़ना सिखाया है,
वरना एक कदम भी न चल पाने से हम हैरान थे!
आपके प्यार और विश्वास ने काबिल बनाया है हमें,

जीवन के हर मोड पर आज़माया है हमें,
वरना हम तो जीवन की कसौटियों से परेशान थे!
आपने हमेशा हर कदम पर सही राह दिखायी है हमें,
अच्छे और बुरे की पहचान करायी है हमें,
आपने दिया है जीवन का ये नायाब तोहफा हमें,
जिसे भुला पाना भी हमारे लिए मुश्किल है!
आपकी परवरिश ने ही दी है नेक राह हमें,
वरना हम तो इस नेक राह के काबिल न थे!
आपसे ही हमारे जीवन की शुरुआत है,
आपसे ही हमारी खुशियाँ और आबाद है,
आप ही हमारे जीवन का आधार है,
आप से हैं हम,
और आप से ही ये सारा जहांन है!

Title: Mother father || Hindi poetry on Maa papa