
Tu ohnu sahi nahi kehna
Te ohne khud nu galat..!!
Enjoy Every Movement of life!

क्या वक्त ये मेरे दरमियां है,
किसी ने बताया नहीं मुझमें क्या कमियां है,
शाम की खुशियों में गम का अंधेरा क्यूं लाएं,
आज दिल की सुनकर बाहर निकला जाए...
कैद कर लिया है खुद को इन बेड़ियों में,
क्या फर्क है अब मुझमें और कैदियों में,
इन अंजान गलियों में आज थोड़ा फिसला जाए,
आज दिल की सुनकर बाहर निकला जाए...
Ye unakee mohabbat ka .. naya daur hai ..
jahaan main kal thi … aaj koee aur hai ..