ਗੁਜ਼ਾਰੀ ਸ਼ਾਹਾ ਵੀ ਕਿਤੀ ਤਾਂ ਵੀ ਓਹ ਮੰਨਿਆ ਨੀ
ਓਹਣੇ ਠਾਨ ਲਿਆ ਸੀ ਛੱਡਣ ਦੇ ਬਾਰੇ
ਤਾਹੀਂ ਦਰਦ ਸਾਡਾ ਓਹ ਸਮਝਿਆ ਨੀ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
ਗੁਜ਼ਾਰੀ ਸ਼ਾਹਾ ਵੀ ਕਿਤੀ ਤਾਂ ਵੀ ਓਹ ਮੰਨਿਆ ਨੀ
ਓਹਣੇ ਠਾਨ ਲਿਆ ਸੀ ਛੱਡਣ ਦੇ ਬਾਰੇ
ਤਾਹੀਂ ਦਰਦ ਸਾਡਾ ਓਹ ਸਮਝਿਆ ਨੀ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
खूबसूरत तो हर लम्हा है,
शायद देखने की नज़ाकत नहीं है...
अकेले चलने की हिम्मत तो है,
शायद साथ छोड़ने की आदत नहीं है...
शर्त है मै सिर्फ मयखाने तक जाऊंगा
आगे का रास्ता तुम तय कर लेना...
ताल्लुक़ मेरा पुराना है इन गलियों से,
शायद छूटा पैमाना पकड़ने की आदत नहीं है...
अगर औरत नहीं होती, तो मुहब्बत नहीं होती।
अगर बंगाल माँ नहीं होती, तो भारत माता भी नहीं होती।
हर एक इंसान के पास दिल है।
भारत में भी बंगाल है।
मर्द सिर्फ इंसान होता है।
औरत केवल माँ होती है।
इंसान को दुःख देने में बहुत मज़ा आता है।
इंसान का दुःख में सिर्फ कुत्ते रोते हैं।
जिंदगी का स्टेशन पर ट्रेन रुक गई।
समय कभी रुकता नहीं, छुट्टी गुज़र गई।
समय की नदी, मैं अकेला नहीं।
पिता नाव है, माँ मांझी, जिंदगी यही।