दिया था हमने गम उनको
आज हम को वह गम मिला है…!!
पता चला उस दर्द का
जो उन्हों ने सहा है..!!
Diya tha humne gum unko
Aaj hum ko woh gum mila hai
Pta chla us dard ka
jo unho ne saha hai
दिया था हमने गम उनको
आज हम को वह गम मिला है…!!
पता चला उस दर्द का
जो उन्हों ने सहा है..!!
Diya tha humne gum unko
Aaj hum ko woh gum mila hai
Pta chla us dard ka
jo unho ne saha hai
कितने गुज़र गए ज़माने यूँ ज़ख्म खाने में,
बडा वक़्त लगाते हो यार मरहम लगाने में.
दासबर्दार तेरे इश्क़ में आशनाई गवा बैठे,
बावर्णा दिल-खवा अपने भी थे ज़माने में.
जो क़ल्ब परोसता है ग़ज़लों में बेदिली से मुसाहिब,
मुझे भी तोह सुना कोनसा ग़म है तेरे अफ़साने में.
मेरा ग़म कौन जाने मैं पौधा ही जानू हिज्र-ए-गुल,
बीस दिन लगते है अशर कली को फूल बनाने में…
Mohobbat ki talash mein nikle ho tum
Are o pagl…
Mohobbat khud talash karti hai
Jise barbaad karna ho🙃✌
मोहब्बत की तलाश में निकले हो तुम
अरे ओ पागल…
मोहब्बत खुद तलाश करती है…
जिसे बर्बाद करना हो🙃✌