दिया था हमने गम उनको
आज हम को वह गम मिला है…!!
पता चला उस दर्द का
जो उन्हों ने सहा है..!!
Diya tha humne gum unko
Aaj hum ko woh gum mila hai
Pta chla us dard ka
jo unho ne saha hai
दिया था हमने गम उनको
आज हम को वह गम मिला है…!!
पता चला उस दर्द का
जो उन्हों ने सहा है..!!
Diya tha humne gum unko
Aaj hum ko woh gum mila hai
Pta chla us dard ka
jo unho ne saha hai
पहली धड़कन भी मेरी धडकी थी तेरे भीतर ही,
जमी को तेरी छोड़ कर बता फिर मैं जाऊं कहां.
आंखें खुली जब पहली दफा तेरा चेहरा ही दिखा,
जिंदगी का हर लम्हा जीना तुझसे ही सीखा.
खामोशी मेरी जुबान को सुर भी तूने ही दिया,
स्वेत पड़ी मेरी अभिलाषाओं को रंगों से तुमने भर दिया.
अपना निवाला छोड़कर मेरी खातिर तुमने भंडार भरे,
मैं भले नाकामयाब रही फिर भी मेरे होने का तुमने अहंकार भरा.
वह रात छिपकर जब तू अकेले में रोया करती थी,
दर्द होता था मुझे भी, सिसकियां मैंने भी सुनी थी.
ना समझ थी मैं इतनी खुद का भी मुझे इतना ध्यान नहीं था,
तू ही बस वो एक थी, जिसको मेरी भूख प्यार का पता था.
पहले जब मैं बेतहाशा धूल मैं खेला करती थी,
तेरी चूड़ियों तेरे पायल की आवाज से डर लगता था.
लगता था तू आएगी बहुत डाटेंगी और कान पकड़कर मुझे ले जाएगी,
माँ आज भी मुझे किसी दिन धूल धूल सा लगता है.
चूड़ियों के बीच तेरी गुस्से भरी आवाज सुनने का मन करता है,
मन करता है तू आ जाए बहुत डांटे और कान पकड़कर मुझे ले जाए.
जाना चाहती हूं उस बचपन में फिर से जहां तेरी गोद में सोया करती थी,
जब काम में हो कोई मेरे मन का तुम बात-बात पर रोया करती थी.
जब तेरे बिना लोरियों कहानियों यह पलके सोया नहीं करती थी,
माथे पर बिना तेरे स्पर्श के ये आंखें जगा नहीं करती थी.
अब और नहीं घिसने देना चाहती तेरे ही मुलायम हाथों को,
चाहती हूं पूरा करना तेरे सपनों में देखी हर बातों को.
खुश होगी माँ एक दिन तू भी,
जब लोग मुझे तेरी बेटी कहेंगे.
Aise waise chahe ho jaise
sbko chahiye bs paise
bolte khusiyan ki na keemat koi
pr bin paise woh lgta kbhi koi khushi hi nhi
yaha jao paise waha jao paise
aakhir laaye toh laaye kaha se or kaise
bolte jitna gyan baat te utna bdjata
wohi gyan k waaste school or colleges tadpata
bin paiso k toh koi izzat hi ni yaha
paiso k aad pe uche bne firte yaha
bin paiso k bnke rehgye bs ek faltu insaan
jaaye toh jaaye kha
paiso se bhale hi khushi na kharid paaye
pr bin paiso k yaha jiya v na jaaye