
Ful kina hi sohna howe
tareef ohdi khusbu ton hundi aa
insaan jine marzi ambar chhoh le
kadar ohdi gunaa ton hundi aa

Ful kina hi sohna howe
tareef ohdi khusbu ton hundi aa
insaan jine marzi ambar chhoh le
kadar ohdi gunaa ton hundi aa
कब्र दर कब्र इक इश्तिहार जा रहा है,
अपना था कोई वो जो दूर जा रहा है,
मोहब्बत सही, इश्क सही, पास नहीं है अब,
जोगी इसी धुन में कोई गीत गा रहा है...
जो अपने थे वो चले गए....
हर वक्त आंसू पोंछने कोई पास आ रहा है,
मालूम है वो भी चला जायेगा फिर आंसू देकर,
जोगी इसी धुन में कोई गीत गा रहा है...
मतलबी, बेशर्म, बेईमान है दुनिया सारी
मालूम है की जीने नहीं देगी... देखो...
मेरी कब्र से भी मेरा इश्तिहार आ रहा है...
जोगी इसी धुन में कोई गीत गा रहा है...
Jao yaha rehna khush rehna
Khwahish to ibadat si ho gayi hai
Tum se juda hokar tanhayion mein rehna
Meri ab aadat si ho gayi hai…💔
जाओ जहां रहना खुश रहना
ख्वाइश तो इबादत सी हो गई है
तुम से जुदा होकर तन्हाइयो में रहना
मेरी अब आदत सी हो गई है …💔