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Gunwaan istri || punjabi poem

Gunwaan istri || punjabi poem


Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Zakham de deta yaar || dard shayari

कुबूल ही क्यों किया तूने मेरा इश्क

जब तुझे था ही नहीं मुझसे प्यार|

बार बार दिल क्यों दुखाता है मेरा,

एक बार ही ज़ख्म दे देता यार||

हिरल सिंह

Title: Zakham de deta yaar || dard shayari


मां || maa || hindi shayari

चलो किसी पुराने दौर की बात करते हैं,
कुछ अपनी सी और कुछ अपनों कि बात करते हैं…
बात उस वक्त की है जब मेरी मां मुझे दुलारा करती थी,
नज़रों से दुनिया की बचा कर मुझे संवारा करती थी,
गलती पर मेरी अकेले डांट कर पापा से छुपाया करती थी,
और पापा के मुझे डांटने पर पापा से बचाया करती थी…
मुझे कुछ होता तो वो भी कहाँ सोया करती थी,
देखा है मैंने,
वो रात भर बैठकर मेरे बाल संवारा करती थी,
घर से दूर आकर वो वक्त याद आता है,
दिन भर की थकान के बाद अब रात के खाने में, कहां मां के हाथ का स्वाद आता है,
मखमल की चादर भी अब नहीं रास आती है,
माँ की गोद में जब सिर हो उससे अच्छी नींद और कहाँ आती है…

Title: मां || maa || hindi shayari