हाल न पूछो हमारा..
बस मेरे लिखे खत को महसूस करो
दर्द भी तड़पती है कागज़ पर
मुझे कोई इस आग से महफूज करो
Enjoy Every Movement of life!
हाल न पूछो हमारा..
बस मेरे लिखे खत को महसूस करो
दर्द भी तड़पती है कागज़ पर
मुझे कोई इस आग से महफूज करो
Kaisi nainsafi hai ye
Vo galat hokar bhi sahi hum sahi hokar bhi nhi💯
कैसी नाइंसाफी है ये
वो गलत होकर भी सही हम सही होकर भी नही💯
