Tere hijran ch haal behaal jeha lagda e
Hun ta ikk din vi sanu ikk saal jeha lagda e..!!
ਤੇਰੇ ਹਿਜਰਾਂ ‘ਚ ਹਾਲ ਬੇਹਾਲ ਜਿਹਾ ਲੱਗਦਾ ਏ
ਹੁਣ ਤਾਂ ਇੱਕ ਦਿਨ ਵੀ ਸਾਨੂੰ ਇੱਕ ਸਾਲ ਜਿਹਾ ਲੱਗਦਾ ਏ..!!
Tere hijran ch haal behaal jeha lagda e
Hun ta ikk din vi sanu ikk saal jeha lagda e..!!
ਤੇਰੇ ਹਿਜਰਾਂ ‘ਚ ਹਾਲ ਬੇਹਾਲ ਜਿਹਾ ਲੱਗਦਾ ਏ
ਹੁਣ ਤਾਂ ਇੱਕ ਦਿਨ ਵੀ ਸਾਨੂੰ ਇੱਕ ਸਾਲ ਜਿਹਾ ਲੱਗਦਾ ਏ..!!
इंतजार मैंने कभी उसका किया नहीं, वो ही थी जो करती थी.. मैं डरता था दुनिया से, वो एक ही मुझसे डरती थी.. ऐसा नहीं के खौफ में थी, बस प्यार वो मुझसे करती थी.. वो एक ही थी, वो एक ही है, जो मेरे लिए बस मरती थी..
आओ सुनाओ अपने जीवन की कथा
नाम है पेड़ दूर करता हूं सब की व्यथा
कितना विशाल कितना घना हूं
फल और फूलों से लदा हूं
मेरी ही छाया में आकर
तुम अपनी थकान मिटाते हो
मीठे फल और सुंदर फूल
तुम मुझसे ही ले जाते हो
दूषित हवा तुम मुझको देकर
खुद प्राणवायु मुझसे पाते हो
अपने ही जीवन के आधार पर
तुम कुल्हाड़ी जब बरसाते हो
मुझसे ही मेरा सब कुछ लेकर
तुम दर्द मुझे दे जाते हो
देता हूं बारिश का पानी
हरियाली मुझसे पाते हो
करता हूं इतने उपकार
फिर भी सहता तुम्हारे अत्याचार