है इश्क तो फिर असर भी होगा,
जितना है इधर उधर भी होगा ।
मिल नहीं पाता तो क्या हुआ,
मोहब्बत तो तुमसे फिर भी बेहिसाब करता हूं ।
Enjoy Every Movement of life!
है इश्क तो फिर असर भी होगा,
जितना है इधर उधर भी होगा ।
मिल नहीं पाता तो क्या हुआ,
मोहब्बत तो तुमसे फिर भी बेहिसाब करता हूं ।
तारीख हजार साल में बस इतनी सी बदली है,
तब दौर पत्थर का था अब लोग पत्थर के हैं।
