है इश्क तो फिर असर भी होगा,
जितना है इधर उधर भी होगा ।
मिल नहीं पाता तो क्या हुआ,
मोहब्बत तो तुमसे फिर भी बेहिसाब करता हूं ।
है इश्क तो फिर असर भी होगा,
जितना है इधर उधर भी होगा ।
मिल नहीं पाता तो क्या हुआ,
मोहब्बत तो तुमसे फिर भी बेहिसाब करता हूं ।
Dhuaan dhuaan karke jal rahi hai
arthi mere pyaar di
dekh haas reha aaj zamaana saara
tu loot nazaare meri barbaadi de
saannu bhool jawenga eh jag saara
धुँआ धुँआ करके जल रही है
अर्थी मेरे प्यार दी
देख हास्दा आज जमाना सारा
तू लूट नज़ारे मेरी बर्बादी दे
सानु भूल जावेंगा एह जग सारा
