हम आए थे इस रोज
जब तेरा निकाह था
तूने देखा नही शायद
में वही खड़ा था
पूछता तुझसे से मगर तू तो खुश थी
और वो आखरी दिन था जब मैं हसा था
Enjoy Every Movement of life!
हम आए थे इस रोज
जब तेरा निकाह था
तूने देखा नही शायद
में वही खड़ा था
पूछता तुझसे से मगर तू तो खुश थी
और वो आखरी दिन था जब मैं हसा था

सिर्फ मै ही क्यों?
मर्यादा तो तुमने भी तोड़ा
फिर इलज़ाम सिर्फ मुझ पर ही क्यों?
इश्क़ तो तुमने भी किया मुझ से
फिर बेवफ़ा सिर्फ हम कैसे,
यादे तो तेरी भी है मेरे साथ
फिर भुलु सिर्फ मै कैसे,
साथ तो तुमने भी छोड़ा
फिर आँशु सिर्फ मेरे आँखों मे ही क्यों?
-anjali kashyap