Duniya mein koi to hoga tere jaisa
Magar mukhtasir to ye hai ki
Ham tujhe chahte hai tere jaiso ko nahi❤
दुनियां में कोई तो होगा तेरे जैसा
मगर मुख्तसर तो ये है कि
हम तुझे चाहते हैं तेरे जैसो को नही❤
Duniya mein koi to hoga tere jaisa
Magar mukhtasir to ye hai ki
Ham tujhe chahte hai tere jaiso ko nahi❤
दुनियां में कोई तो होगा तेरे जैसा
मगर मुख्तसर तो ये है कि
हम तुझे चाहते हैं तेरे जैसो को नही❤
ज़िन्दगी सीधे साधे चलना ठीक नही
उबड़ खाबड़ पड़ाव भी जरूरी है,
तैरते तैरते बाजू थक जाएंगे
एक पल के लिए नाव भी जरूरी है,
बदलाव भी जरूरी
ये घाव भी जरूरी है,
इतनी धूप अच्छी नेही
थोड़ी छांव भी जरूरी है..!
हद-ए-शहर से निकली तो,
गांव-गांव चली..
कुछ यादें मेरे संग,
पांव-पांव चली..!
सफर जो धूप का किया तो,
तजुर्बा हुआ..
वो ज़िन्दगी ही क्या जो,
छांव-छांव चली..!!