Duniya mein koi to hoga tere jaisa
Magar mukhtasir to ye hai ki
Ham tujhe chahte hai tere jaiso ko nahi❤
दुनियां में कोई तो होगा तेरे जैसा
मगर मुख्तसर तो ये है कि
हम तुझे चाहते हैं तेरे जैसो को नही❤
Duniya mein koi to hoga tere jaisa
Magar mukhtasir to ye hai ki
Ham tujhe chahte hai tere jaiso ko nahi❤
दुनियां में कोई तो होगा तेरे जैसा
मगर मुख्तसर तो ये है कि
हम तुझे चाहते हैं तेरे जैसो को नही❤
God ne earth ko di hai itni
achhi beauty,
Sambhal ke rakhna hai
hamari duty,
मंज़िल अभी दूर है, मुसाफिर है बेचैन,
ठोकरें बहुत है राह में,बीत गए वो दिन रैन,
सोचा ना था यूं सौदा करूंगा,
बूंदों सी बारिश में प्यासा चलूंगा,
पसीने से तर है दामन मेरा
कैसे बायां करूं हाल ए दिल अपना के,
कैसे भीगते हैं मेरे नैन,
मंज़िल अभी दूर है, मुसाफिर है बेचैन,
शाम भी बीत गई, सूरज भी ढल गया,
रास्तों पर निकला तो वक्त भी बदल गया,
ठोकरें बहुत खाई अब थोड़ा संभाल गया,
किससे कहूं फिर भी भीगते हैं मेरे नैन,
मंज़िल अभी दूर है, मुसाफिर है बैचेन,
मेरा हिस्सा था जिनमें कुछ लम्हे चुरा लाया हूं,
हर कदम के साथ कुछ करीब आया हूं,
किनारों पर समेटकर कुछ लेहरें लाया हूं,
दो पल ही सही वापस आए वो दिन रैन,
मै ही हूं वो मुसाफिर, मै ही था बेचैन…