ham ne kab maanga hai tum se apanee vafaon ka sila
bas dard dete raha karo “mohabbat” badhatee jaegee..
हम ने कब माँगा है तुम से अपनी वफ़ाओं का सिला
बस दर्द देते रहा करो “मोहब्बत” बढ़ती जाएगी..
ham ne kab maanga hai tum se apanee vafaon ka sila
bas dard dete raha karo “mohabbat” badhatee jaegee..
हम ने कब माँगा है तुम से अपनी वफ़ाओं का सिला
बस दर्द देते रहा करो “मोहब्बत” बढ़ती जाएगी..
मेरी एक गली,उसकी गली से जुड़ी है
मेरे पाव नहीं मुड़े, यही सड़क मुड़ी है
मैं मुस्कुराकर,बोल पड़ा इन दोस्तों से
देखो मेरी ज़न्नत, खिड़की पर खड़ी है
उतने ऊपर, मेरा खुदा भी नहीं दोस्त
उनकी कलाई पे जितनी,चूड़ी चड़ी है
मेरे पूरे हुज़रे पर, साया करती है वो
शहर में उनकी बिल्डिंग इतनी बड़ी है
Har gal saanjhi karni hai
par sahi waqt di udeek hai
haale teri mehfil de vich
saadi chupi hi theek hai
ਹਰ ਗੱਲ ਸਾਝੀ ਕਰਨੀ ਹੈ..
ਪਰ ਸਹੀ ਵਕ਼ਤ ਦੀ ਉਡੀਕ ਹੈ,
ਹਾਲੇ ਤੇਰੀ ਮਹਿਫ਼ਿਲ ਦੇ ਵਿਚ..
ਸਾਡੀ ਚੁੱਪੀ ਹੀ ਠੀਕ ਹੈ।