तोड़ेंगे गुरुर इश्क का इस कदर सुधर जाएंगे
खड़ी रहेगी सामने मोहब्बत लेकिन हम उसके पास होकर गुजर जाएंगे
तोड़ेंगे गुरुर इश्क का इस कदर सुधर जाएंगे
खड़ी रहेगी सामने मोहब्बत लेकिन हम उसके पास होकर गुजर जाएंगे
तनहाई तलाश रही मुझको, और मुझे तलाश है बस तेरी..
गर मुमकिन है तो आ जाओ, इंतजार में नजरें हैं मेरी..
इंहे नींद नहीं अब आती है, राहों में टिकी हैं ये तेरी..
यकीन न इनको होता है, के तूने भी आंखें हैं फेरी..
समझाऊं केसे मैं इनको, किस्मत में नहीं है तू मेरी..
जिन आंखों को हैं ये ढूंढ़ रही, बंद हैं वो आंखें तेरी..
जेसे दिल है हार गया मेरा, वैसे हारेगी अब रूह मेरी..
अब थक कर ये सोएंगी जब, होगी जिस्म से जान जुदा मेरी..
Jehda pyar naal takke ohnu takk laida
jehda ghur_ghur dekhe ohnu chak laida.
Dhaliwal