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Ham uske pass

तोड़ेंगे गुरुर इश्क का इस कदर सुधर जाएंगे

खड़ी रहेगी सामने मोहब्बत लेकिन हम उसके पास होकर गुजर जाएंगे

Title: Ham uske pass

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Two line hindi shayari collection || true LINEs

किसी का जगह कोई ले नहीं सकते।

इस ज़माने में भी महान होना चाहिए, जैसे पुराने ज़माने में थे।

इंसान मरने के बाद भगवान बन जाते।

जीवित दशा में कोई उसके प्रतिभा और योग्यता को पहचान नहीं पते।  

अच्छे घर की इंसान अब राजनीति नहीं करते।

जो हर क्षेत्र में बेकार है, वह सिर्फ नेता बनते।

यह मत पूछो क्यों नहीं मिला।

सिर्फ यह देखो क्या मिला।

जो ज्यादा पूछता है, वह मुर्ख नहीं, वह जानना चाहता है।

मुर्ख तो वह है, जो सब जानने का नाटक करता है।

जो सब समझ के बैठा है, वह गिरने बाला है।

जो कभी संतुष्ट नहीं होता, वह विजय का माला पहनना है।

औरत गुलाब जैसी।

सुगंधित पंखुड़ियां के अंदर छुपी हुई हत्यारा कांटे ऐसी।

सुंदरता एक भयंकर रूप।

जो जीता, वह राजा; जो आत्मसमर्पण किया, वह बेवकूफ़।

Title: Two line hindi shayari collection || true LINEs


Tu jaandi ni menu ||hindi punjabi shayari

तू जांदी नी मेनू…

हाय…

याद तेरे हाथ दी हर इक लकीर

तेरे हाथ ते लिखी हर तकदीर

तेरे नाल घूमे राह

मीनू याद तेरा हर साह

तेरे बुल…तेरी बोली

तेरियां अखां.. तेरी तकनी..

तेरे दंद..तेरा हस्सा

तू..तेरी खुशबू

तेरा चेहरा…ते चन्न

मैनू याद आ सब

याद है वो भी… जो बताया नही तूने

याद है वो भी….जो जताया नहीं तूने..

मेरे आस पास होना और हमेशा रहने की चाह…

मुझे याद है तेरे दिल से निकली हर राह..

तेरी राहों पर चलने वाली मै अकेली बनना चाहती थी..

तुझे ढूंढते ढूंढते.. मै खुद तुझमे खोना चाहती थी..

पा कर भी सुकून नहीं था… सुकून मिल कर भी सुकून नहीं था.. तुझे पाना सुकून नहीं था… मै तो तू बनना चाहती थी….

जेह मेनू मिलदा नी तू..

एम फेर वी तेनु जांदी हुंदी..

तेरे हत्था नू फड के लकीरा दा राज पूछदी हुंदी….

तेरे गले लग के तेरे हाल पूछदी हुंदी..

तेरे नाल घुम घुम के….फुलां दे ना पूछदी हुंदी..

जेह मेनू मिल्दा नी तू.. एम फेर वी तेनु जांदी हुंदी..

जन के सब कुछ…मै अंजन बंदी हुंदी…

बार बार इको ही सवाल पूछदी हुंदी…

तेनु ना कर के ओही काम करदी हुंदी…

तेनु जो रंग पसनद.. मै ओह रंग च फबड़ी हुंदी…

तेनु पसंद जो धंग.. उस धंग.. सजना साजन मै सजदी हुंदीतू जांदी नी मेनू…

हाये…

हां.. मै जांदी आ…. तू पुछ के तां वेख…. तेरे स्वाला दा जवाब म जांदी आ .. तेरे फुलां दा ना मै जांदी आ… सब जांदी आ मै…. पर पुछना पसंद आ मेनू… जो जांदी आ… ओह वी पुछना पसंद आ… सवाल ख़त्म हो गए तां…. जो पता ओह वी पुछना आ मैनू…. सब कुछ तैथो पुछना आ‌ मैनू… तेरे अलवा किसी तीजे दा ना वी पसंद मेनू

मै जंदी अउ तेनु..

हां…… मै जांदी आ

ते बस तेनु..

हां…… म जांदी आ

Title: Tu jaandi ni menu ||hindi punjabi shayari