ना जाने कितनी बार हारे थे
तुम्हे जिताने के लिए
तुमने एक बार भी नही सोचा
हमारा दिल दुखाने के लिए
ना जाने कितनी बार हारे थे
तुम्हे जिताने के लिए
तुमने एक बार भी नही सोचा
हमारा दिल दुखाने के लिए
इस जीवन से जुड़ा एक सवाल है हमारा~
क्या हमें फिर से कभी मिलेगा ये दोबारा?
समंदर में तैरती कश्ती को मिल जाता है किनारा~
क्या हम भी पा सकेंगे अपनी लक्ष्य का किनारा?
जिस तरह पत्तों का शाखा है जीवन भर का सहारा~
क्या उसी तरह मेरा भी होगा इस जहां में कोई प्यारा?
हम एक छोटी सी उदासी से पा लेते हैं डर का अंधियारा~
गरीब कैसे सैकड़ों गालियां खा कर भी कर लेतें है गुजारा ?
जिस तरह आसमान मे रह जाते सूरज और चांद-तारा ~
क्या उस तरह रह पाएगा हमारी दोस्ती का सहारा ?
जैसे हमेशा चलती रहती है नदियों का धारा~
क्या हम भी चल सकेंगे अपनी राह की धारा ?
Tenu pta taan hai ke menu udeekan teriyan
Mere hizran da anand kyu maanda e..!!
Mere dil diyan peedhan nu sajjna mere
Dass tere ton vadh kon jaanda e..!!
ਤੈਨੂੰ ਪਤਾ ਤਾਂ ਹੈ ਕਿ ਮੈਨੂੰ ਉਡੀਕਾਂ ਤੇਰੀਆਂ
ਮੇਰੇ ਹਿਜ਼ਰਾਂ ਦਾ ਅਨੰਦ ਕਿਉਂ ਮਾਣਦਾ ਏ..!!
ਮੇਰੇ ਦਿਲ ਦੀਆਂ ਪੀੜਾਂ ਨੂੰ ਸੱਜਣਾ ਮੇਰੇ
ਦੱਸ ਤੇਰੇ ਤੋਂ ਵੱਧ ਕੌਣ ਜਾਣਦਾ ਏ..!!