HAMARE MUTABAADIL KI TALAASH HAIN UNHE
HUM SHAKAL TO MIL JAAYE UNHE LEKIN HUM SEERAT NA HO
ہمارے متبادل کی تلاش ہیں انھیں
ہم شکل تو لم جائیں انھیں ہم سیرت نہ ہو
HAMARE MUTABAADIL KI TALAASH HAIN UNHE
HUM SHAKAL TO MIL JAAYE UNHE LEKIN HUM SEERAT NA HO
ہمارے متبادل کی تلاش ہیں انھیں
ہم شکل تو لم جائیں انھیں ہم سیرت نہ ہو
अपना हाल–ऐ–दिल बयां करने निकला तो,
वे कहने लगे एक–तरफा इश्क़ कुछ नहीं होता।
रुस्वाही समझकर,निराश भटकने लगे।।
जनाब को कोई समझाओ….
एक–तरफा इश्क़ में रोज़ दिल टूटते हैं,
आस रहती है, कभी मुड़कर हम्पें नजर पड़े उनकी,
हर रोज़ एक नई कहानी बनती है उनके साथ,
बस ख्यालों में जीते हैं……….
हमारी दास्तां….
बस ये कोरे पन्ने सुनते हैं,
डर है कि किसी रोज़ ये जलकर काले न हो जाएं।।।
मेरी किस्मत के हीरों का तुम एक ताज
बन जाओ
कल की बात छोडो तुम मेरा आज बन
जाओ
मैं तो रोज करता हूं, मोहब्बत डूब कर
तुमसे
अब मेरी इक बात मानो बस, तुम मेरे
हमराज़ बन जाओ