डूबे हुओं को हमने बिठाया था अपनी कश्ती में यारो…..
और फिर कश्ती का बोझ कहकर, हमे ही उतारा गया
डूबे हुओं को हमने बिठाया था अपनी कश्ती में यारो…..
और फिर कश्ती का बोझ कहकर, हमे ही उतारा गया
ना जाने क्यो सोचते है…हर वख्त तेरे बारे में!
लगता है सोहबत में तेरी मुझे ईश्क होने लगा है!
देखते हो जब मुझे शरमा कर आंखे झुक जाती है,
हर अदा पर तेरा पहरा सा महसूस होने लगा है
देखूं जब भी आइना अक्स तेरा मुझमे दिखने लगा है
खोई रहती हूं , वख्त बेवख्त तेरे ख्यालो में
ओर दिल भी ज़ोर ज़ोर से धड़कने लगा है
लगता है तू सोच में मेरी हावी होने लगा है
Je tadap ch hoyia akhan nam Na
Intzaar kitta ta ki kitta..!!
Je tu yaar layi pagl baneya naaa
Dass pyar kitta ta ki kitta..!!
ਜੇ ਤੜਪ ‘ਚ ਹੋਈਆਂ ਅੱਖਾਂ ਨਮ ਨਾ
ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਕੀਤਾ ਤਾਂ ਕੀ ਕੀਤਾ..!!
ਜੇ ਤੂੰ ਯਾਰ ਲਈ ਪਾਗਲ ਬਣਿਆ ਨਾ
ਦੱਸ ਪਿਆਰ ਕੀਤਾ ਤਾਂ ਕੀ ਕੀਤਾ..!!