डूबे हुओं को हमने बिठाया था अपनी कश्ती में यारो…..
और फिर कश्ती का बोझ कहकर, हमे ही उतारा गया
डूबे हुओं को हमने बिठाया था अपनी कश्ती में यारो…..
और फिर कश्ती का बोझ कहकर, हमे ही उतारा गया
Koi sikha deve mainu v
is duniye de riwaaz nu
ki kive bhul jaida kise nu
apna matlab kadh k
ਕੋਈ ਸਿਖਾ ਦੇਵੇ ਮੈਨੂੰ ਵੀ
ਇਸ ਦੁਨੀਆ ਦੇ ਰਿਵਾਜ਼ ਨੂੰ
ਕਿ ਕਿਵੇਂ ਭੁੱਲ ਜਾਈਦਾ ਕਿਸੇ ਨੂੰ
ਆਪਣਾ ਮਤਲਬ ਕੱਢ ਕੇ
हादसे इन आँखों ने तमाम देखे है
जिनको हम प्यार से पा न सके
होते वो लोग निलाम देखे है
अश्क नही लहु छलकता है आँखों से
बर्बादियों के जश्न में झलकते जाम देखे है
मैंने ऐसे भी मुकाम देखे है
दोस्तों में शामिल दुश्मनो के नाम देखें है
यकीन सबसे तब उठ गया
जब सच्चे दिल वालों के होते बुरे अंजाम देखे है
ज़ख्म गम,दर्द सच्चाई को मिलते इनाम देखे हैं
झूठों की शान में होते सलाम देखे है
छोड दिया खुद को मजबूत कहना
गिरते यहां बहुत बलवान देखे हैं
अकेले रहना बेहतर है अब✌️
सबसे मिलने के नुक्सान देखे हैं
कोई नहीं रहता यहाँ देर तक
गिरते मैंने वो मजबूत मकान देखे हैं
रोशनी में जो दूर तक साथ रहे
अंधेरे में दूर होते वो इंसान देखे हैं
कोई एक तो नहीं है दर्द की वजाह
वे दर्द इंसान मैंने तमाम देखे हैं
खुशी में तो सब साथ ही थे
बस गम में रास्ते सुनसान देखे हैं
हर बात में जान जान कहने वाले
लेते मैंने जान देखे हैं
एक नही हादसे तमाम देखे है!!
Manisha❤️Mann✍️