डूबे हुओं को हमने बिठाया था अपनी कश्ती में यारो…..
और फिर कश्ती का बोझ कहकर, हमे ही उतारा गया
Enjoy Every Movement of life!
डूबे हुओं को हमने बिठाया था अपनी कश्ती में यारो…..
और फिर कश्ती का बोझ कहकर, हमे ही उतारा गया
दर्द💔 कितना है 😃बता नहीं सकता❌
जख्म 🤪कितने है दिखा🤪 नहीं सकता
कि🤔 समझ सको 😬तो समझ लो👍
आँसू गिरे😭 है कितने गिना 🤔नहीं सकता 🤪🤪
saanu taa pyaar de do lafaz v nahi naseeb
par badnaam iss tarah haa asi
jis tarah eh ishq saade toh hi shuru hoeyaa howe
ਸਾਨੂੰ ਤਾਂ ਪਿਆਰ ਦੇ ਦੋ ਲਫਜ਼ ਵੀ ਨਹੀਂ ਨਸੀਬ
ਪਰ ਬਦਨਾਮ ਇਸ ਤਰਾਂ ਹਾਂ ਅਸੀਂ
ਜਿਸ ਤਰਾਂ ਇਹ ਇਸ਼ਕ ਸਾਡੇ ਤੋਂ ਹੀ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਇਆ ਹੋਵੇ..!