
Mere bager to jeena sikh gai
Hame bhi koi dawa de jaati
Hame kyu jinda
marta chorr gai

Mere bager to jeena sikh gai
Hame bhi koi dawa de jaati
Hame kyu jinda
marta chorr gai
chen udh gya dil da
naa neend rahi raatan di
tu kaisa rog la dita
aadat pe gai
teriyaan yaadan di, mulakaatan di
ਚੈਨ ਉੱਡ ਗਿਆ ਦਿਲ ਦਾ
ਨਾ ਨੀਂਦ ਰਹੀ ਰਾਤਾਂ ਦੀ
ਤੂੰ ਕੈਸਾ ਰੋਗ ਲਾ ਦਿਤਾ
ਆਦਤ ਪੈ ਗਈ
ਤੇਰੀਆਂ ਯਾਦਾਂ ਦੀ, ਮੁਲਾਕਾਤਾਂ ਦੀ
किसी न किसी पे किसी को ऐतबार हो जाता है ,
अजनबी कोई शख्स यार हो जाता है ,
खूबियों से नहीं होती मोहब्बत सदा ,
खामियों से भी अक्सर प्यार हो जाता है 🥀
किन लफ़्ज़ों में इतनी कड़वी कसैली बात लिखूं ,
मैं सच लिखूं के अपने हालत लिखूं ,
कैसे लिखूं मैं चांदनी रातें ,
जब गरम हो रेत तो कैसे मैं बरसात लिखूं .✨
सभी नग्मे साज़ में गाये नहीं जाते ,
सभी लोग महफ़िल में बुलाये नहीं जाते ,
कुछ पास रह कर भी याद नहीं आते ,
कुछ दूर रह कर भी भूलाये नहीं जाते!❤️