हमें रुसवा करके उन्हें, गैर बाँहों का इंतज़ार है..
हमारी वफ़ा उन्हें वफ़ा ना लगी, गैरों पर ऐतबार है..
इसे जीत कहूँ उनकी, या ये मेरे दिल की हार है..
बेवफाई सिखाई है मेरे दिल को, मेरी ना माने, अब भी उससे प्यार है..
हमें रुसवा करके उन्हें, गैर बाँहों का इंतज़ार है..
हमारी वफ़ा उन्हें वफ़ा ना लगी, गैरों पर ऐतबार है..
इसे जीत कहूँ उनकी, या ये मेरे दिल की हार है..
बेवफाई सिखाई है मेरे दिल को, मेरी ना माने, अब भी उससे प्यार है..
Rab se bair rakhna
Te jeene ka kaisa tareeka hai
Chehre pe jhuthi muskaan
Ye zehan zehar bhi to peeta hai.
Jeb bhari hai noto se
Payal bhi khanakte sikko ka feeta hai
Bhool gaye na.. Vajud apna
Kya jeene ka ye akhiri tareeka hai???
रब से बैर रखना,
ये जीने का कैसा तरीका है…
चेहरे पे झूठी मुस्कान,
ये ज़हन ज़हर भी तो पीता है…
जेब भरी हैं नोटों से,
पायल भी खनकते सिक्कों का फीता है…
भूल गए ना, वजूद अपना,
क्या जीने का ये आखिरी तरीका है.???
Vo sapneele lamhe kab kho gye pta hi na chala
Rengte the, kab khade ho gaye pta hi na chala
Khilaune to aaj bhi vahi hai, e waqt
Hum kab bade ho gaye pta hi na chala…🤞🏽🍂
वो सपनीले लम्हे कब खो गए पता ही ना चला,
रेंगते थे, कब खड़े हो गए पता ही ना चला,
खिलौने तो आज भी वही है, ए-वक्त,
हम कब बड़े हो गए पता ही ना चला…🤞🏽🍂