हमें रुसवा करके उन्हें, गैर बाँहों का इंतज़ार है..
हमारी वफ़ा उन्हें वफ़ा ना लगी, गैरों पर ऐतबार है..
इसे जीत कहूँ उनकी, या ये मेरे दिल की हार है..
बेवफाई सिखाई है मेरे दिल को, मेरी ना माने, अब भी उससे प्यार है..
हमें रुसवा करके उन्हें, गैर बाँहों का इंतज़ार है..
हमारी वफ़ा उन्हें वफ़ा ना लगी, गैरों पर ऐतबार है..
इसे जीत कहूँ उनकी, या ये मेरे दिल की हार है..
बेवफाई सिखाई है मेरे दिल को, मेरी ना माने, अब भी उससे प्यार है..
बहुत बदल गया हूं मैं, अब और बदल नहीं पाउंगा..
काफी कर दी है देर तूने, अब तेरे साथ चल नहीं पाउंगा..
बहुत जला हूं प्यार में तेरे, बस अब और मैं जल नहीं पाऊंगा..
गर फिर से टूट गया जो दिल, तो अब संभल नहीं पाऊंगा..
पास रहकर तो अब मैं जी नहीं सकता, दूर चला मैं जाउंगा..
तू खुश रहना इन गलियों में अब, लौट के मैं ना आउंगा….
बुझी हुई समा भी जल सकती है
तूफानों से कश्ती भी निकल सकती है
होके मायूस यू ना अपने इरादे बदल
तेरी किस्मत कभी भी बदल सकती है