हमें रुसवा करके उन्हें, गैर बाँहों का इंतज़ार है..
हमारी वफ़ा उन्हें वफ़ा ना लगी, गैरों पर ऐतबार है..
इसे जीत कहूँ उनकी, या ये मेरे दिल की हार है..
बेवफाई सिखाई है मेरे दिल को, मेरी ना माने, अब भी उससे प्यार है..
हमें रुसवा करके उन्हें, गैर बाँहों का इंतज़ार है..
हमारी वफ़ा उन्हें वफ़ा ना लगी, गैरों पर ऐतबार है..
इसे जीत कहूँ उनकी, या ये मेरे दिल की हार है..
बेवफाई सिखाई है मेरे दिल को, मेरी ना माने, अब भी उससे प्यार है..
वफ़ा के शीश महल में सजा लिया मैनें ,
वो एक दिल जिसे पत्थर बना लिया मैनें,
ये सोच कर कि न हो ताक में ख़ुशी कोई ,
ग़मों कि ओट में ख़ुद को छुपा लिया मैनें,
कभी न ख़त्म किया मैं ने रोशनी का मुहाज़ ,
अगर चिराग़ बुझा, दिल जला लिया मैनें,
कमाल ये है कि जो दुश्मन पे चलाना था ,
वो तीर अपने कलेजे पे खा लिया मैनें |

Kad nibhi aa kakhan di hawaaan de naal
bewafai kad turi hawawaan de naal
eh dil v pagal e samajhda nahi
mukadrr nahi badalde duwawa naal