Enjoy Every Movement of life!
हम आए थे इस रोज
जब तेरा निकाह था
तूने देखा नही शायद
में वही खड़ा था
पूछता तुझसे से मगर तू तो खुश थी
और वो आखरी दिन था जब मैं हसा था
बहुत से मौसम बदलें शायद, हमें दिल की बात बताने में..
जो प्यार दबा कर रखा है, उस प्यार को उन्हें जताने में..
क्यूं पता नहीं, क्या वक्त लगे, दिल की बात जुबां
तक लाने में..
क्या और भी दूजा है हमसा?, बेबस, लाचार जमाने में..
