
May this new year bring a spectacular future for us
and fill our life with joy love and happiness
Enjoy Every Movement of life!

गरीबी भी देखी है अमीरी भी देखी है,
फटे थे कपड़े जब वो फकीरी भी देखी है...
हाथों में रोटी थी कटोरे में सिक्के थे,
अनजान चेहरों की बहुत हाज़िरी भी देखी है,
उम्दा सियासत में गुनहगारों की वजीरी भी देखी है...
इंसानियत दम तोड रही थी बंजर दरिया में
वो ढलती शाम मैने आखिरी देखी है...
अगर जहर है जिंदगी,
पीना तो पड़ता हैं,
ना जाने कितनी बार,
गिरकर संभलना पड़ता।