Har vaar alfaaz hi kafi nahi hunde
kise nu samjaun lai
kade kade chapedaan v chhadniyaan paindiaan ne
ਹਰ ਵਾਰ ਅਲਫ਼ਾਜ਼ ਹੀ ਕਾਫੀ ਨਹੀ ਹੁੰਦੇ,
ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਸਮਝਾਉਣ ਲਈ..
ਕਦੇ ਕਦੇ ਚਪੇੜਾਂ ਵੀ ਛੱਡਣੀਆਂ ਪੈਂਦੀਆਂ ਨੇ।
Har vaar alfaaz hi kafi nahi hunde
kise nu samjaun lai
kade kade chapedaan v chhadniyaan paindiaan ne
ਹਰ ਵਾਰ ਅਲਫ਼ਾਜ਼ ਹੀ ਕਾਫੀ ਨਹੀ ਹੁੰਦੇ,
ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਸਮਝਾਉਣ ਲਈ..
ਕਦੇ ਕਦੇ ਚਪੇੜਾਂ ਵੀ ਛੱਡਣੀਆਂ ਪੈਂਦੀਆਂ ਨੇ।
Kahin Behtar Hai Teri Amiri Se Muflisi Meri
Chand Sikkon Ke Liye Tune Kya Nahi Khoya Hai
Mana Nahin Hai Makhmal Ka Bichhona Mere Paas
Par Tu Ye Bata Kitni Rate Chain Se Soya Hai…🥺
कांटों से लिपट कर हम सो गए ,
वो फूलों पर करवट बदलते रहे,
वो सोए रहे सुकून से मखमली बिस्तर पर
और हम चिराग की तरह जलते रहे,,
अरे वो तो कब का छोड़ चुके थे मेरा साथ बीच रस्ते में,
और एक हम थे कि वो मेरे साथ है ये सोच कर बस चलते रहे,,
मैं तो हर मोड़ पर साथ था उनके, बचाता रहा उन्हें हर ठोकरों से,
और एक वो है जो मुझे ठोकर मारा कर चले गए, और हम खुद ही गिरते रहे संभलते रहे,,
फिर भी मुझे कोई गिला नहीं, कोई शिकवा नहीं,
हो जाए अगर मुकम्मल इश्क तो फिर वो इश्क ही क्या, ओर इश्क का मजा ही क्या,
यारो इश्क का मजा तो तब है जब दर्द मिलते रहे और दिल जलते रहे, दर्द मिलते रहे और दिल जलते रहे।।
नितीश कुमार ✍️