हर जमाने में मुझे सिर्फ वही एक जमाना याद आया..
ये जमाना भी इस जमाने में उस जमाने के बाद आया..
बचपन के उस जमाने में, हम जो जमाना जिया करते थे..
ये जमाना उस जमाने जैसा नहीं, उस जमाने में जमाने का जो स्वाद आया..
हर जमाने में मुझे सिर्फ वही एक जमाना याद आया..
ये जमाना भी इस जमाने में उस जमाने के बाद आया..
बचपन के उस जमाने में, हम जो जमाना जिया करते थे..
ये जमाना उस जमाने जैसा नहीं, उस जमाने में जमाने का जो स्वाद आया..
Jo akhiyan di tangh ch rehndi e
Nahi bhulde Surat pyari nu..!!
Je tu mil jawe sajjna ve
Mein bhulja duniya sari nu..!!
ਜੋ ਅੱਖੀਆਂ ਦੀ ਤਾਂਘ ‘ਚ ਰਹਿੰਦੀ ਏ
ਨਹੀਂ ਭੁੱਲਦੇ ਸੂਰਤ ਪਿਆਰੀ ਨੂੰ..!!
ਜੇ ਤੂੰ ਮਿਲ ਜਾਵੇਂ ਸੱਜਣਾ ਵੇ
ਮੈਂ ਭੁੱਲਜਾ ਦੁਨੀਆ ਸਾਰੀ ਨੂੰ..!!
Tod ke jod lawo….
Har cheez duniya di
Kabil-e-murammat hai…
Aitbaar ke siwa….😐
ਤੋੜ ਕੇ ਜੋੜ ਲਵੋ….
ਹਰ ਚੀਜ਼ ਦੁਨੀਆ ਦੀ
ਕਾਬਿਲ-ਏ-ਮੁਰੰਮਤਹੈ…
ਇਤਬਾਰਕੇ ਸਿਵਾ….😐