Enjoy Every Movement of life!
डूबे हुओं को हमने बिठाया था अपनी कश्ती में यारो…..
और फिर कश्ती का बोझ कहकर, हमे ही उतारा गया
Kya karu mein un nasamjho ko apna haal-e-dil batakar
Jinko aksar mere jazbaat keval shabad lagte hain…..🙃😏
क्या करूँ मैं उन नासमझों को अपना हाल-ए-दिल बताकर जिनको अक्सर मेरे जज़्बात केवल शब्द लगते हैं….. 🙃😏
