*क्षमा दान की शक्ति*
आखिर मैं एक इंसान हूँ,पर आप तो हो भगवान।
जो भी होता है नियति है,नहीं पता मुझे परिणाम।
मैंने जो अब तक कि गलती,जो आगे करने वाला हूँ।
हे प्रभु! आज अतिरिक्त में,मुझको दे दो क्षमा दान।
आपने जो भी है दिया सबको, उसमें रहना सन्तुष्ट सभी।
स्वार्थ और ईर्ष्यावश में,नहीं होना है पथभ्रष्ट कभी।
इंसान गलतियों का पुतला,हो सका कभी परिपूर्ण नहीं।
फिर मद में अन्धा होकर वो,भूल जाता ही है गलत सही।
पर आप दया के सागर हो,करुणा के हो भंडार प्रभु।
सब के मन से द्वेष को करके दूर, आप सब मे भर दो प्यार प्रभु!
सब जीव आपकी संताने,न करें कोई भी भेदभाव।
बन जाओ सब मन से उदार,करें क्षमा द्वेष का हो अभाव।
सच्चे मन से करे प्रायश्चित तो,प्रभु हर अपराध क्षमा कर जाते हैं।
आप सर्वशक्तिमान इसी कारण ही,सब के द्वारा कहलाते हैं।
सच में वो ही है शक्तिमान,जिसने है सब को माफ किया।
भूल के सारी बातों को ,हर किसी का है जो साथ दिया।
Badhi mushkil naal milda e pyaar sachaa
ithe baki sab kujh mil janda e vich bazaara de
ithe rooh de saathi kismat naal ne milde
sache te uche kirdaara de
bhai roope waleyaa jis naal hoje pyar sachi
fir ohi sohna lagda gurlaal vich hazzaara de
ਬੜੀ ਮੁਸ਼ਕਿਲ ਨਾਲ ਮਿਲਦਾ ਏ ਪਿਆਰ ਸੱਚਾ
ਇੱਥੇ ਬਾਕੀ ਸਭ ਕੁੱਝ ਮਿਲ ਜਾਦਾ ਏ ਵਿੱਚ ਬਾਜ਼ਾਰਾਂ ਦੇ
ਇੱਥੇ ਰੂਹ ਦੇ ਸਾਥੀ ਕਿਸਮਤ ਨਾਲ ਨੇ ਮਿਲਦੇ
ਸੱਚੇ ਤੇ ਉੱਚੇ ਕਿਰਦਾਰਾਂ ਦੇ
ਭਾਈ ਰੂਪੇ ਵਾਲਿਆ ਜਿਸ ਨਾਲ ਹੋਜੇ ਪਿਆਰ ਸੱਚਾ
ਫਿਰ ਉਹੀ ਸੋਹਣਾ ਲੱਗਦਾ ਗੁਰਲਾਲ ਵਿੱਚ ਹਜਾਰਾਂ ਦੇ