
तेरते कितना चाहु कैसे दिखाऊ जाटनी,
जो प्यार की भक्ति देख के राम उतर आया न उस्ते सारे जनम तेरा साथ मांगु जाटणी
Enjoy Every Movement of life!

कंडो के साथ ही
तुमने मेरा प्रेम भी थापा,
उसे गोबर की तरह ढोया सिर पर,
घर से दूर ले जाकर,
खलिहान के किसी कोने में,
प्यार से, दुलार से,
पूचकार कर, आकार दिया,
धूप में सुखाया,
बारिश से बचाया बार बार पलटाया,
मैं और कंडे_ लायक बने,
तुम्हारे लिए जलने को_
Wo ruth jati he me mana leta hu
Harta nhi hu sar juka leta hu 😊
#love