Chalo hassne ki koi wajah dhundte hain
Jidhar na ho koi gam vo jgah dhundte hain ❤
चलो हँसने की कोई,हम वजह ढूंढते हैं।
जिधर न हो कोई गम वो जगह ढूंढते है॥❤
Chalo hassne ki koi wajah dhundte hain
Jidhar na ho koi gam vo jgah dhundte hain ❤
चलो हँसने की कोई,हम वजह ढूंढते हैं।
जिधर न हो कोई गम वो जगह ढूंढते है॥❤
कब्र दर कब्र इक इश्तिहार जा रहा है,
अपना था कोई वो जो दूर जा रहा है,
मोहब्बत सही, इश्क सही, पास नहीं है अब,
जोगी इसी धुन में कोई गीत गा रहा है...
जो अपने थे वो चले गए....
हर वक्त आंसू पोंछने कोई पास आ रहा है,
मालूम है वो भी चला जायेगा फिर आंसू देकर,
जोगी इसी धुन में कोई गीत गा रहा है...
मतलबी, बेशर्म, बेईमान है दुनिया सारी
मालूम है की जीने नहीं देगी... देखो...
मेरी कब्र से भी मेरा इश्तिहार आ रहा है...
जोगी इसी धुन में कोई गीत गा रहा है...
kujh likhe sirnaawe paateya te, kujh chitthiya sanbh ke
le ke baith jaana bukal ‘ch teri tang de
vich teri taang de
ਕੁਝ ਲਿਖੇ ਸਿਰਨਾਵੇਂ ਪੱਤਿਆਂ ਤੇ, ਕੁਝ ਚਿੱਠੀਆਂ ਸਾਂਭ ਕੇ
ਲੈ ਕੇ ਬੈਠ ਜਾਨਾ ਬੁੱਕਲ’ਚ ਵਿਚ ਤੇਰੀ ਤਾਂਗ ਦੇ
ਵਿੱਚ ਤੇਰੀ ਤਾਂਗ ਦੇ