Chalo hassne ki koi wajah dhundte hain
Jidhar na ho koi gam vo jgah dhundte hain ❤
चलो हँसने की कोई,हम वजह ढूंढते हैं।
जिधर न हो कोई गम वो जगह ढूंढते है॥❤
Chalo hassne ki koi wajah dhundte hain
Jidhar na ho koi gam vo jgah dhundte hain ❤
चलो हँसने की कोई,हम वजह ढूंढते हैं।
जिधर न हो कोई गम वो जगह ढूंढते है॥❤
ये किसने जेल में लाया खाना हाय अल्लाह,
मुजरिम का भी है कोई दीवाना हाय अल्लाह।
ये मज्मा भी मेरे रोने पे बजाता है ताली,
किसको सुनाएं अपना अफ़साना हाय अल्लाह।
अब क्या कि जुर्म किसने की है क़ुसुर है किसका,
अब तो लगा है मुझपर जुर्माना हाय अल्लाह।
मेरी नज़र क्या उस पे है सबकी नज़र मुझ पे है,
पूरा शहर है उसका दीवाना हाय अल्लाह।
वो मुझसे मिलता है रोज़ाना मगर नतीजा ये,
देखो तो लगता है वो बेगाना हाय अल्लाह।
जब भी किसी ने पूछा है धोखा कब मिला फिर तो,
बचपन का याद आए याराना हाय अल्लाह।
शिकवा नहीं है उससे बस दुख ‘अमीम’ इतना है,
क्यों मेरा लौट आया नज़राना हाय अल्लाह
मेरी ज़िन्दगी के जो पल तूने छीने है
याद रखना तुझको भी वही जीने है।।
लेना देना रस्मे नाते ये चलेंगे जीवनभर
पर तेरे लिए प्यार ना बचा अब रत्तीभर।।
अपने हर पल को जीया मेरे से पहले तूने
बारी मेरी आयी तो दिया प्यार का जहर तूने।।
समझ मुझे अब आने लगा है खेल तेरा
जरूरत को तूने अपनी बताया प्यार मेरा।।
मेरी मासूमियत का ये जो फायदा उठाया है
भोली सी ‘गुड़िया’ को प्यार में जलाया है।।
सच्चा प्यार था तेरा तो बचा अब कुछ क्यो नही
एक दिल की आह को दिल से लगाया क्यो नही।।
दिल मेरा आज जो ये रोता है ना
सब्र का एक घुट रोज पीता है ना।।
बदल जाएगी अब ये जिंदगी भी मेरी
जहां अब जगह ना होगी इसमे तेरी।।।