me chiraan ton katti chandan di lakad
sahe me kaliyaan rataan de kale jhakhad
reh k dilaan kaleyaan de naal
ajh baniyaa me kikraan di kali lakad
ਮੈਂ ਚਿਰਾਂ ਤੋਂ ਕੱਟੀ ਚੰਦਨ ਦੀ ਲੱਕੜ
ਸਹੇ ਮੈਂ ਕਾਲੀਆਂ ਰਾਤਾਂ ਦੇ ਕਾਲੇ ਝੱਖੜ
ਰਹਿ ਕੇ ਦਿਲਾਂ ਕਾਲਿਆਂ ਦੇ ਨਾਲ
ਬਣਿਆ ਮੈਂ ਕਿੱਕਰਾਂ ਦੀ ਕਾਲੀ ਲੱਕੜ
उसकी अहमियत है क्या, बताना भी ज़रूरी है !
है उससे इश्क़ अग़र तो जताना भी ज़रूरी है !!
अब काम लफ़्फ़ाज़ी से तुम कब तक चलाओगे !
उसकी झील सी आंखों में डूब जाना भी ज़रूरी है !!
दिल के ज़ज़्बात तुम दिल मे दबा कर मत रखो !
उसको देख कर प्यार से मुस्कुराना भी ज़रूरी है !!
उसे ये बारहा कहना वो कितना ख़ूबसूरत है !
उसे नग्मे मोहब्बत के सुनाना भी ज़रूरी है !!
किसी भी हाल में तुम छोड़ना हाथ मत उसका !
किया है इश्क़ गर तुमने, निभाना भी ज़रूरी है !!
सहर अब रूठना तो इश्क़ में है लाज़मी लेकिन !
कभी महबूब गर रूठे तो मनाना भी ज़रूरी है !!