
agar fir se wo chandani raat aa jaye
kya batau tumko
ki kya halaat hai mere
arey kya batau tumko ki kya halaat hai mere
bas band kamre me ro leta hun jab tumhari yaad aa jaye

कभी तेजी रखू, सफर में कभी मैं, ढलने लगता हूं..
कभी ठहर जाऊ, एक जगह कभी बस, चलने लगता हूं..
मंजिल का अता और पता नहीं, फासला सफर का जरा बढ़ गया..
सोच कर कमाई बस, सफर की हथेलियों को, मालने लगता हूं..
1. जो मेरे बारे में बुरा सोचते हैं, उन्हें मुझसे और बुरा कुछ नहीं हो सकता।
2. जिन्दगी में शानदारी सिर्फ उन्हीं को मिलती है, जो हार मानने के बाद भी उठते हैं।
3. हमारी अदा और गुस्ताखी तबाह कर सकती है, इसलिए हमें हमेशा संभालकर चलना चाहिए।
4. ताकत उसी की होती है जो हर हाल में खड़ा रहता है, जबकि कमजोरी वो है जो चाहे भले ही दिखाए।
5. जो लोग हमारे बारे में बकवास करते हैं, उन्हें समझाने की जरूरत नहीं, क्योंकि शेर खुद बकवास नहीं सुनता।
6. ज़िंदगी की रफ़्तार में हम चाहे जैसे भी खड़े हों, हमारा निशान उन्हीं लोगों के दिलों पर छोड़ता है, जिन्होंने हमें रोकने की कोशिश की।
7. जब तक तुम खुद को निराश नहीं करोगे, कोई और तुम्हें हारा नहीं सकता।
8. हम जब चलते हैं तो लोग देखते हैं, हम जब रुकते हैं तो लोग सोचते हैं, और हम जब उठते हैं तो लोग याद करते हैं।