
agar fir se wo chandani raat aa jaye
kya batau tumko
ki kya halaat hai mere
arey kya batau tumko ki kya halaat hai mere
bas band kamre me ro leta hun jab tumhari yaad aa jaye

चलो किसी पुराने दौर की बात करते हैं,
कुछ अपनी सी और कुछ अपनों कि बात करते हैं…
बात उस वक्त की है जब मेरी मां मुझे दुलारा करती थी,
नज़रों से दुनिया की बचा कर मुझे संवारा करती थी,
गलती पर मेरी अकेले डांट कर पापा से छुपाया करती थी,
और पापा के मुझे डांटने पर पापा से बचाया करती थी…
मुझे कुछ होता तो वो भी कहाँ सोया करती थी,
देखा है मैंने,
वो रात भर बैठकर मेरे बाल संवारा करती थी,
घर से दूर आकर वो वक्त याद आता है,
दिन भर की थकान के बाद अब रात के खाने में, कहां मां के हाथ का स्वाद आता है,
मखमल की चादर भी अब नहीं रास आती है,
माँ की गोद में जब सिर हो उससे अच्छी नींद और कहाँ आती है…
Ishq valeyan de haal das dinde jhatt ne
Ke eh ronde ne jada te hassde ghatt ne..!!
ਇਸ਼ਕ ਵਾਲਿਆਂ ਦੇ ਹਾਲ ਦੱਸ ਦਿੰਦੇ ਝੱਟ ਨੇ
ਕਿ ਇਹ ਰੋਂਦੇ ਨੇ ਜ਼ਿਆਦਾ ਤੇ ਹੱਸਦੇ ਘੱਟ ਨੇ..!!