Skip to content

Hindi Ghazal || Hindi shayari || love

ख़िज़ाँ का दौर हो या हो बहार का मौसम
मेरे लिए नहीं कोई क़रार का मौसम 
किसे ख़बर थी बिछड़कर न मिल सकेंगे कभी
न ख़त्म होगा तेरे इन्तिज़ार का मौसम
ग़रज़ का दौर है सबको हैं अपनी अपनी धुन
किसी को रास न आया पुकार का मौसम
ढला है हुस्न तो मशहूर बेवफ़ाई हुई
गुज़र गया है तेरे इन्तिज़ार का मौसम
उड़ाए फिरती है आवारगी की आंधी हमें
हमें नसीब कहाँ ज़ुल्फ़-ए- यार का मौसम
बुझे हैं रेख़्ता हम तो बुझे नज़ारे हैं
उदास उदास लगा हुस्न -ए- यार का मौसम

Title: Hindi Ghazal || Hindi shayari || love

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Mohobbat dard || hindi shayari

मोहब्बत तर्क की मैं ने गरेबाँ सी लिया मैं ने
ज़माने अब तो ख़ुश हो ज़हर ये भी पी लिया मैं ने

अभी ज़िंदा हूँ लेकिन सोचता रहता हूँ ख़ल्वत में
कि अब तक किस तमन्ना के सहारे जी लिया मैं ने

उन्हें अपना नहीं सकता मगर इतना भी क्या कम है
कि कुछ मुद्दत हसीं ख़्वाबों में खो कर जी लिया मैं ने

बस अब तो दामन-ए-दिल छोड़ दो बेकार उम्मीदो
बहुत दुख सह लिए मैं ने बहुत दिन जी लिया मैं ने

Title: Mohobbat dard || hindi shayari


Truth of life

Aasmaan ko chookar to dekh jameen par lane ke liye log hai na 

Khud se pyaar jtaa kar to dekh nafrat jtaane ke liye log hai na 

Ek baar itihaas bnaa kar to dekh bate bnane ke liye log hai 

Manzil apni paa kar to dekh taliyaa bajaane ke liye log hai na ❤️‍🔥 

आसमां को छू कर तो देख जमीं पर लाने के लिए लोग हैं ना 

खुद से प्यार जता कर तो देख नफरत जताने के लिए लोग हैं ना 

एक बार इतिहास बना कर तो देख बातें बनाने के लिए लोग हैं ना 

मंज़िल अपनी पा कर तो देख तालिया बजाने के लिए लोग हैं ना ❤️‍🔥 

Title: Truth of life