tere pyare mai ek aesa mukam dede
ssaso mai bus mera naam likh dee
jia toh bus sirf mere sath jee…….
hatho ki lakiro mera, bus mera naam likhde
tere pyare mai ek aesa mukam dede
ssaso mai bus mera naam likh dee
jia toh bus sirf mere sath jee…….
hatho ki lakiro mera, bus mera naam likhde
नींद बेचैनी से कटती रही
ख्वाब कोहरे मे छुपती रही
तेरी आवाज़ से मैं अनसुनी रही
तु मिला न कही मंज़िलों पे
मैं भटकती भटकती
तुझे ढूंढती रही
तेरा मेरा रिश्ता इन
काग़ज़ों पे खत्म हो गया
साथ तेरा मेरा युं सिमट सा गया
जैसे चार दिवारी में बंध सा गया
तेरी बातों को मैं याद करता
तेरी हँसी को मैं याद करता
हमारे उन्ही हसीन पलो को
हररोज सजाया करता
कल एक झलक ज़िंदगी को देखा,
वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी,
फिर ढूँढा उसे इधर उधर
वो आँख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी,
एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार,
वो सहला के मुझे सुला रही थी
हम दोनों क्यूँ ख़फ़ा हैं एक दूसरे से
मैं उसे और वो मुझे समझा रही थी,
मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया
कमबख्त तूने,
वो हँसी और बोली- मैं जिंदगी हूँ पगले
तुझे जीना सिखा रही थी।