Skip to content

Hindi shayari || best 2 lines shayari

ये साफ सफाई की बात नहीं, कोरोना ने लिखी खत।

इधर उधर थुकना मत।

…………………………………………..

गंगा की गोद में चलती है नाव, मृत शरीर भी।

समय का गोद में खिलती है सभ्यता और जंगली जानवर का अँधा बिस्वास भी।

……………………………………………

बचपन मासूम कली।

फल बनना और बड़ा होना- काला दाग में अशुद्ध कलि।

…………………………………………….

कीचड़ में भी कमल खिलता है।

अच्छे घर में भी बिगड़ा हुआ बच्चा पैदा होते है।

………………………………………………

इंसान का अकाल नहीं, इंसानियत की अकाल है।

डॉक्टर (सेवा) के अकाल नहीं, वैक्सीन (व्यवस्था) का अकाल है।

………………………………………………….

कुत्ते समझते है के कौन इंसान और कौन जानवर है।

बो इंसान को देख के पूंछ हिलाते है और जानवर को देख के भूँकते है।

………………………………………………………

जीविका से प्यारा है जिंदगी।

अगर साँस बंद है तो कैसे समझेंगे रोटी की कमी।

Title: Hindi shayari || best 2 lines shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


जोरू का गुलाम || akbar birbal story

एक बार की बात है, राजा अकबर व बीरबल दरबार में बैठे कुछ अहम मामलों पर चर्चा कर रहे थे। तभी बीरबल ने अकबर से कहा, “मुझे लगता है कि ज्यादातर पुरुष जोरू के गुलाम होते हैं और अपनी पत्नियों से डर कर रहते हैं।” बीरबल की यह बात राजा को बिल्कुल भी पसंद न आई। उन्होंने इस बात का विरोध किया।. 

इस पर बीरबल भी अपनी बात मनवाने पर अड़ गए। उन्होंने राजा से कहा कि वे अपनी बात को सिद्ध कर सकते हैं। मगर, इसके लिए राजा को प्रजा के बीच एक आदेश जारी करवाना होगा। वह आदेश यह था कि, जिस पुरुष के अपनी पत्नी से डरने की बात सामने आएगी, उसे दरबार में एक मुर्गी जमा करानी होगी। राजा बीरबल की इस बात पर तैयार हो गए।

अगले ही दिन प्रजा के बीच आदेश कराया गया कि अगर यह बात सिद्ध हो जाती है कि कोई पुरुष अपनी पत्नी से डरता है, तो उसे दरबार में आकर बीरबल के पास एक मुर्गी जमा करवानी होगी। फिर क्या था, देखते ही देखते बीरबल के पास ढेरों मुर्गियां इकठ्ठा हो गईं और सैंकड़ों मुर्गियां महल के बगीचे में घूमने लगीं

अब बीरबल राजा के पास पहुंचे और बोले, “महाराज! महल में इतनी मुर्गियां इकट्ठा हो गई हैं कि आप एक मुर्गीखाना खोल सकते हैं, इसलिए अब आप इस आदेश को वापिस ले सकते हैं।” मगर, महाराज ने इस बात को गंभीरता से नहीं लिया और महल में मुर्गियों की संख्या धीरे-धीरे और भी ज्यादा बढ़ने लगी।

इतनी अधिक मुर्गियां महल में जमा हो जाने के बाद भी जब राजा अकबर बीरबल की बात से सहमत नहीं हुए, तो बीरबल ने अपनी बात सिद्ध करने के लिए एक नया उपाय निकाला। एक दिन बीरबल राजा के पास गए और बोले, “महाराज! मैंने सुना है कि पड़ोस के राज्य में एक बहुत की खूबसूरत राजकुमारी रहती है। अगर आप चाहें, तो क्या मैं आपका रिश्ता वहां पक्का कर आऊं?”

यह सुनते ही राजा चौंक उठे और बोले, “बीरबल! तुम ये कैसी बातें कर रहे हो। महल में पहले से ही दो महारानियां मौजूद हैं। अगर उन्हें इस बात की भनक भी लगी, तो मेरी खैर नहीं होगी।”

यह सुनकर बीरबल ने तपाक से जवाब दिया, “चलिए महाराज, फिर तो आप भी मेरे पास दो मुर्गियां जमा करा ही दीजिए।”

राजा बीरबल का ऐसा जवाब सुनकर शरमा गए और उन्होंने अपना आदेश उसी वक्त वापस ले लिया।

Title: जोरू का गुलाम || akbar birbal story


Piche mudna aukha e || true lines || best shayari

Salamt rakhi mera pyar rabba mereya
Ohnu chddna Na hun enna saukha e..!!
Jis mukam te aa gye haan ishq de vich
Hun piche mudna aukha e..!!

ਸਲਾਮਤ ਰੱਖੀਂ ਮੇਰਾ ਪਿਆਰ ਰੱਬਾ ਮੇਰਿਆ
ਓਹਨੂੰ ਛੱਡਣਾ ਨਾ ਹੁਣ ਇੰਨਾ ਸੌਖਾ ਏ..!!
ਜਿਸ ਮੁਕਾਮ ਤੇ ਆ ਗਏ ਹਾਂ ਇਸ਼ਕ ਦੇ ਵਿੱਚ
ਹੁਣ ਪਿੱਛੇ ਮੁੜਨਾ ਔਖਾ ਏ..!!

Title: Piche mudna aukha e || true lines || best shayari