Khuda ko bhul gye log fikr-e-rozi mein
Rizk kamane me razik ko bhul gye..
खुदा को भूल गए लोग फिक्र-ए-रोज़ी में
रिज़्क़ कमाने में राजिक को भूल गए..
Khuda ko bhul gye log fikr-e-rozi mein
Rizk kamane me razik ko bhul gye..
खुदा को भूल गए लोग फिक्र-ए-रोज़ी में
रिज़्क़ कमाने में राजिक को भूल गए..
उसकी वो मासूम सी आंखें, कभी-कभी मुझे झूठी सी लगती हैं..
उसकी वो सोच कर बनाई हुई बातें, अक्सर मुझे टूटी सी लगती हैं..
कभी मेरी नाराज़गी पर मुस्कुराती है, कभी प्यार पर रूठी सी लगती है..
कभी उसकी मामूली से हरकत भी मुझे, अनूठी सी लगती है..
कभी उसकी झुकी पलकों में इश्क होता है, कभी उठी सी लगती हैं..
उसके प्यार पर शक नहीं मुझे, फिर भी ना जाने क्यूं, झूठी सी लगती है..
heart rated 💔
murshad, meri khani sunega
mene wfa krna sikhaya tha use,
usne kisi or se bewafai sikh li.😢😢