Khuda ko bhul gye log fikr-e-rozi mein
Rizk kamane me razik ko bhul gye..
खुदा को भूल गए लोग फिक्र-ए-रोज़ी में
रिज़्क़ कमाने में राजिक को भूल गए..
Khuda ko bhul gye log fikr-e-rozi mein
Rizk kamane me razik ko bhul gye..
खुदा को भूल गए लोग फिक्र-ए-रोज़ी में
रिज़्क़ कमाने में राजिक को भूल गए..
हमने जो की थी मोहब्बत आज भी है
उनके ज़ुल्फ़ों की शाए की चाहत आज भी है
ये रात कटती है आज भी ख्याल में उनके
दीवानों सी वो मेरी हालत आज भी है
किसी औरकी तस्वीर को उठती नहीं
बेईमान आँखों में थोड़ी सी शराफ़त आज भी है
एक बार चाह कर चाहे दिल तोड़ दे वोह
दिल तोड़ के जाने की इज़ाज़त उसे आज भी है
हमने जो की थी मोहब्बत आज भी है
उनके ज़ुल्फ़ों की शाए की चाहत आज भी है
Kar mohobbtan alwida hasse kar challe
Dass hanjhuya de siwa tere ki peya palle..!!
ਕਰ ਮੋਹੁੱਬਤਾਂ ਅਲਵਿਦਾ ਹਾਸੇ ਕਰ ਚੱਲੇ
ਦੱਸ ਹੰਝੂਆਂ ਦੇ ਸਿਵਾ ਤੇਰੇ ਕੀ ਪਿਆ ਪੱਲੇ..!!