मैं खिल नहीं सका कि मुझे नम नहीं मिला,
साक़ी मिरे मिज़ाज का मौसम नहीं मिला।🤎
Enjoy Every Movement of life!
मैं खिल नहीं सका कि मुझे नम नहीं मिला,
साक़ी मिरे मिज़ाज का मौसम नहीं मिला।🤎
रखना है तो दिल में रखना इस मोहब्बत भरे चेहरे को,
ये वो चेहरा है जो रास्ते पर कभी नजर नहीं आता,
नज़र आते है गुलदस्ते कई जब गलियों में गुजरता हूं,
मै उन गुलदस्तों के लिए रास्ते पर कभी नज़र नहीं आता,
नजरबंद कर लेता हूं रास्ते सारे, दोस्तों के इंतेज़ार में,
यारों के अलावा रास्तों पर मुझे कोई नज़र नहीं आता....
Kuch rul gye mere to,
kuch geeta’n de saaz likha
Bewafawa da raja mai,
Wafa nl bitayi raat likha