
tarah mehsoos kar rahi haa jihde
ch honslaa taa bathera aa uchhi ton uchhi
udaan bharan da par ohde
parh katte hoye aa

Duniya dari chaar dina di
Pai moh ch na kise nu thaggiye..!!
“Roop” shadd jhamele duniya de
Malak de larh hun laggiye..!!
ਦੁਨੀਆਦਾਰੀ ਚਾਰ ਦਿਨਾਂ ਦੀ
ਪੈ ਮੋਹ ‘ਚ ਨਾ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਠੱਗੀਏ..!!
“ਰੂਪ” ਛੱਡ ਝਮੇਲੇ ਦੁਨੀਆਂ ਦੇ
ਮਾਲਕ ਦੇ ਲੜ੍ਹ ਹੁਣ ਲੱਗੀਏ..!!
चलो ना आज तुम्हें एक गज़ल सुनाती हूं।
गज़ल के साथ कुछ और भी बताती हूं ।
भरोसा करने से ज्यादा उसे निभाना सिखाती हूं।
साथ ही अपनी जिंदगी बताती हूं❤️
समझ सका ना कोई मुझे तुम्हें समझाती हूं ।
चलो कुछ पुरानी यादें तुम पे लुटती हूं ।
मंजिल तो सुहानी होती है।
सफर कैसा होता है तुम्हें रूबरू कराती हूं।
सब्र करना मुश्किल था लेकिन अब सब सह जाती हूं।
चलो तुम्हें अपनी जिंदगी का आज हिस्सा बनाती हूं।
Manisha ❤️Mann ✍️