Ahle sarwat ne bigada hai zmane ka chalan
Hum fakiro ne zmane ko mohobbat di hai..
अहले सरवत ने बिगाड़ा है ज़माने का चलन
हम फ़क़ीरों ने ज़माने को मुहब्बत दी है।
Ahle sarwat ne bigada hai zmane ka chalan
Hum fakiro ne zmane ko mohobbat di hai..
अहले सरवत ने बिगाड़ा है ज़माने का चलन
हम फ़क़ीरों ने ज़माने को मुहब्बत दी है।
Vo umar achi thi jab jooth par ykeen hua karta tha varna aaj to hakeekat par bhi shak hai 💯
चलो किसी पुराने दौर की बात करते हैं,
कुछ अपनी सी और कुछ अपनों कि बात करते हैं…
बात उस वक्त की है जब मेरी मां मुझे दुलारा करती थी,
नज़रों से दुनिया की बचा कर मुझे संवारा करती थी,
गलती पर मेरी अकेले डांट कर पापा से छुपाया करती थी,
और पापा के मुझे डांटने पर पापा से बचाया करती थी…
मुझे कुछ होता तो वो भी कहाँ सोया करती थी,
देखा है मैंने,
वो रात भर बैठकर मेरे बाल संवारा करती थी,
घर से दूर आकर वो वक्त याद आता है,
दिन भर की थकान के बाद अब रात के खाने में, कहां मां के हाथ का स्वाद आता है,
मखमल की चादर भी अब नहीं रास आती है,
माँ की गोद में जब सिर हो उससे अच्छी नींद और कहाँ आती है…