Ahle sarwat ne bigada hai zmane ka chalan
Hum fakiro ne zmane ko mohobbat di hai..
अहले सरवत ने बिगाड़ा है ज़माने का चलन
हम फ़क़ीरों ने ज़माने को मुहब्बत दी है।
Ahle sarwat ne bigada hai zmane ka chalan
Hum fakiro ne zmane ko mohobbat di hai..
अहले सरवत ने बिगाड़ा है ज़माने का चलन
हम फ़क़ीरों ने ज़माने को मुहब्बत दी है।
Ishq adhoora raha to kya hua,
Hum to poore barbaad hue🙌
इश्क़ अधूरा रहा तो क्या हुआ,
हम तो पूरे बर्बाद हुए।🙌
कब्र दर कब्र इक इश्तिहार जा रहा है,
अपना था कोई वो जो दूर जा रहा है,
मोहब्बत सही, इश्क सही, पास नहीं है अब,
जोगी इसी धुन में कोई गीत गा रहा है...
जो अपने थे वो चले गए....
हर वक्त आंसू पोंछने कोई पास आ रहा है,
मालूम है वो भी चला जायेगा फिर आंसू देकर,
जोगी इसी धुन में कोई गीत गा रहा है...
मतलबी, बेशर्म, बेईमान है दुनिया सारी
मालूम है की जीने नहीं देगी... देखो...
मेरी कब्र से भी मेरा इश्तिहार आ रहा है...
जोगी इसी धुन में कोई गीत गा रहा है...