Ahle sarwat ne bigada hai zmane ka chalan
Hum fakiro ne zmane ko mohobbat di hai..
अहले सरवत ने बिगाड़ा है ज़माने का चलन
हम फ़क़ीरों ने ज़माने को मुहब्बत दी है।
Ahle sarwat ne bigada hai zmane ka chalan
Hum fakiro ne zmane ko mohobbat di hai..
अहले सरवत ने बिगाड़ा है ज़माने का चलन
हम फ़क़ीरों ने ज़माने को मुहब्बत दी है।

उसकी वो मासूम सी आंखें, कभी-कभी मुझे झूठी सी लगती हैं..
उसकी वो सोच कर बनाई हुई बातें, अक्सर मुझे टूटी सी लगती हैं..
कभी मेरी नाराज़गी पर मुस्कुराती है, कभी प्यार पर रूठी सी लगती है..
कभी उसकी मामूली से हरकत भी मुझे, अनूठी सी लगती है..
कभी उसकी झुकी पलकों में इश्क होता है, कभी उठी सी लगती हैं..
उसके प्यार पर शक नहीं मुझे, फिर भी ना जाने क्यूं, झूठी सी लगती है..
heart rated 💔