Ahle sarwat ne bigada hai zmane ka chalan
Hum fakiro ne zmane ko mohobbat di hai..
अहले सरवत ने बिगाड़ा है ज़माने का चलन
हम फ़क़ीरों ने ज़माने को मुहब्बत दी है।
Ahle sarwat ne bigada hai zmane ka chalan
Hum fakiro ne zmane ko mohobbat di hai..
अहले सरवत ने बिगाड़ा है ज़माने का चलन
हम फ़क़ीरों ने ज़माने को मुहब्बत दी है।
Kabhi Kisi Se Pyaar Mat Karna
Ho Jaaye To Inkaar Mat Karna
Nibha Sako To Chalna Uski Raah Par
Varna Kisi Ki Zindagi Barbaad Mat Karna…
खमियाज़ा ए ज़िन्दगी हर पल मिलता है,
कोई कुछ वक्त तो कोई ज़िन्दगी भर साथ चलता है...
मैं अपनी राहों पर अब अकेले निकाल आया हूं,
जो वक्त सबका था कुछ अपने लिए लाया हूं...
शीशे की कब्र में दफ्न जैसे कोई राज़ हूं,
बरसों से अनसुना जैसे कोई साज़ हूं...
ज़िन्दगी का हाथ थाम कर अब चलने की गुज़ारिश है,
सपनों से तर आगे समंदर और बारिश है...
इक दिन समंदर और बारिश भी पार कर जाऊंगा,
सबकी नज़रें होगी मुझपे और मैं ज़िन्दगी गुलज़ार कर जाऊंगा....