
हालातों से टकराकर हमने, खुद को मजबूत बनाया है..
तभी तो हर दर्द से लड़ने का, हुनर हम में आया है..
पहले डरा करते थे दर्द से हम, अब दर्द को हमने डराया है..
पहले रहता था, ताव में वो, अब जाकर घुटनों पे आया है..
अब नहीं सताता वो हमको, हमने खुदको इतना सताया है..
हम पत्थर बनकर बैठे गए, पत्थरों से कौन लड पाया है….
Nind uddi mastani akhiyan di
Hun chain Na dil nu aawe..!!
Sade birha vich hoye haal bure
Sajjna di yaad satawe..!!
ਨੀਂਦ ਉੱਡੀ ਮਸਤਾਨੀ ਅੱਖੀਆਂ ਦੀ
ਹੁਣ ਚੈਨ ਨਾ ਦਿਲ ਨੂੰ ਆਵੇ..!!
ਸਾਡੇ ਬਿਰਹਾਂ ਵਿੱਚ ਹੋਏ ਹਾਲ ਬੁਰੇ
ਸੱਜਣਾ ਦੀ ਯਾਦ ਸਤਾਵੇ..!!