If not you…..then WHO ?
If not now…..then WHEN ?
If not you…..then WHO ?
If not now…..then WHEN ?
जाते जाते एक उम्दा तालीम दे गया, वो मुसाफिर, खुदकी तलाश में घर से निकल गया, वो मुसाफिर, सोचा साथ जाऊं मैं भी, पर जाऊंगा कहां, जा चुका होगा मीलों दूर, उसे पाऊंगा कहां, इसी सोच में रात हुई, नींद का झोंका आ गया, सुबह आंखे खुली तो सोचा, क्या वो मौका आज आ गया ? के चला जाऊं सबसे इतना दूर के कुछ ना हो, गहरी नींद में बेड़ियां मिले पर सचमुच ना हो, सच हो तो बस आसमां में परिंदो सी उड़ान हो, चाहूंगा हर सितमगर का बड़ा सा मकान हो, वहां आवाज़ देकर झोली फैलाएगा वो मुसाफिर, तुम्हे देख भीगी पलकें उठाएगा वो मुसाफिर, मोहब्बत से एक रोटी खिलाकर देखना तुम, शोहरत से दामन भर जाएगा वो मुसाफिर...
Vo teacher ki dant ,vo pani peene ka bhana…..
Apna lunch chod kar, dusro ka tiffin churana…..
Juth muth ka roothna, or dosto ka stana…….
Hamesha yaad rhega, school life ka yaarana…….❤️
वो टीचर की डांट, वो पानी पीने का बहाना…..
अपना लंच छोड़ कर, दूसरो का टिफिन चुराना…..
झूठ मूठ का रूठना, और दोस्तों का सताना……
हमेशा याद रहेगा, स्कूल का याराना……❤️