If not you…..then WHO ?
If not now…..then WHEN ?
Enjoy Every Movement of life!
If not you…..then WHO ?
If not now…..then WHEN ?
Jinhe pahuchana tha paigam aman ka is jaha me
Wo hindu aur muslim ke maslo me uljhe hue hai
जिन्हें पहुंचाना था पैगाम अमन का इस जहान में
वो हिन्दू और मुस्लिन के मसलों में उलझे हुए हैं
मेरी मोहब्बत है वो कोई मज़बूरी तो नही,
वो मुझे चाहे या मिल जाये, जरूरी तो नही,
ये कुछ कम है कि बसा है मेरी साँसों में वो,
सामने हो मेरी आँखों के जरूरी तो नहीं।।