kise de kareeb hona
par naseeb ch na hona
ik alag hi dukh dinda hai
ਕਿਸੇ ਦੇ ਕਰੀਬ ਹੋਣਾ
ਪਰ ਨਸੀਬ ਚ’ ਨਾ ਹੋਣਾ
ਇੱਕ ਅਲੱਗ ਹੀ ਦੁੱਖ ਦਿੰਦਾ ਹੈ..
Enjoy Every Movement of life!
kise de kareeb hona
par naseeb ch na hona
ik alag hi dukh dinda hai
ਕਿਸੇ ਦੇ ਕਰੀਬ ਹੋਣਾ
ਪਰ ਨਸੀਬ ਚ’ ਨਾ ਹੋਣਾ
ਇੱਕ ਅਲੱਗ ਹੀ ਦੁੱਖ ਦਿੰਦਾ ਹੈ..
१ के कलियों सी मुस्कुराती हो
फूलो सी सरमति हो
और पता नही क्यों
तुम मुझे इस तरह देखकर
यू फिसल जाती हो
२ के तुम्हारी आंखों को देखकर
कयामत आ जाती है
और तुम मेरे दिल में बसी हो इस तरह
के मौत भी दूर भागती है
तुझे देखने की ख्वाहिश ले के घर से तो निकल पड़ता हूँ…
यही सोच के कि तू आज मिलेगी जरूर…
पर इस दिल को क्या पता है… कि तू उसे भूल चुकी हैं…
यूँ तो तेरा हर बार का मुस्कुराना इन
हवाओं और फिज़ाओ में बसा हैं…
ये हवा जब भी तुझे छूकर गुजरती है…
ना चाहते हुए भी तू याद आ ही जाती है।