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Ik alag hi dukh || 2 lines shayari on dukh

kise de kareeb hona
par naseeb ch na hona
ik alag hi dukh dinda hai

ਕਿਸੇ ਦੇ ਕਰੀਬ ਹੋਣਾ
ਪਰ ਨਸੀਬ ਚ’ ਨਾ ਹੋਣਾ
ਇੱਕ ਅਲੱਗ ਹੀ ਦੁੱਖ ਦਿੰਦਾ ਹੈ..

Title: Ik alag hi dukh || 2 lines shayari on dukh

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Mera sabar tu bakdr || hindi shayari

Tuna mera chanchal mann dakha hai
Kabhi mera sabar v dakh
Tuna muja jinnda dakha hai
Mera yr zinda logo ki kabhi kabar v dakh
Tera jana ka baad kuj bacha e nahi 💔
Ho saka to Mudd👣 kr ek👁️ nazar to dakh
Chal mana tera pass time nhi a
Is pgl ❤️dil ko teri kitni hai kadar to dakh

Title: Mera sabar tu bakdr || hindi shayari


याद है ना तुम्हें || hindi poetry

याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।

तुम्हारे गुजरे पलों में बेशक मैं नहीं थी
तुम्हारे संग भविष्य की अपेक्षा भी नहीं थी
हां,वर्तमान के कुछ चंद क्षण
साझा करने की ख्वाहिश जरुर थी।

याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।

देखो, आज फिर उंगलियों ने मेरी
कलम उठाई है
कुछ अनसुनी भावनाओं को संग अपने
समेट लाई है
माना ,मेरे शब्दों ने आहत किया तुम्हें
लेकिन क्या,असल भाव को पहचाना तुमने?

याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।

उलझ गए तुम निरर्थक शब्दों में
पढ़ा नहीं जो लिखा है कोमल हृदय में
चल दिए छोड़ उसे, तुम अपनी अना में
बंधे थे हम तुम, जिस अनदेखे रिश्ते की डोर में

याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।

बीत गए कई बारिश के मौसम
क्या धुले नहीं, जमे धूल मन के?
है अर्जी मेरी चले आओ तुम
मेरे भीतर के तम को रोशनी दिखाओ तुम..

याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।

Title: याद है ना तुम्हें || hindi poetry