ਇੱਕ ਹੀਰੇ ਨੂੰ ਪਿਘਲਾਉਣ ਲਈ
ਸਾਰੇ ਕੱਚ ਦੇ ਟੁਕੜੇ… ਧੁੱਪੇ ਸੜ ਰਹੇ ਆ… ਬਸ
ਇਹਨਾਂ ਕਰਕੇ ਹੀ ਮੇਰੀ ਚਮਕ ਵੱਧ ਰਹੀ ਆ…..
ik heere nu piglaun lai
saare kach de dukdhe… dhupe sadh rahe aa.. bas
ehnaa karke hi meri chamak wadh rahi aa
ਇੱਕ ਹੀਰੇ ਨੂੰ ਪਿਘਲਾਉਣ ਲਈ
ਸਾਰੇ ਕੱਚ ਦੇ ਟੁਕੜੇ… ਧੁੱਪੇ ਸੜ ਰਹੇ ਆ… ਬਸ
ਇਹਨਾਂ ਕਰਕੇ ਹੀ ਮੇਰੀ ਚਮਕ ਵੱਧ ਰਹੀ ਆ…..
ik heere nu piglaun lai
saare kach de dukdhe… dhupe sadh rahe aa.. bas
ehnaa karke hi meri chamak wadh rahi aa
बिखरे हुए हैं शब्द मेरे, जैसे एक टूटा हुआ साज हूँ,
नि:शब्द हूँ मैं जैसे एक दबी आवाज़ हूँ ,
लिख रहा हूँ मैं अपना दर्द स्याही में,
जैसे कोई अनकही बात हूँ ,
लोगों ने करी है मेरी तारीफ़ें, जैसे मै उनके सर का ताज हूँ ,
नज़रें थी तेज मेरी इस कदर, जैसे मै बाज़ हूँ ,
बीता वो कल जिसमें मिले धोखे मुझे, आज बीता कल भी तरस खाता है मुझपे, जो मैं आज हूँ,
शांत हूँ मैं इन चालाकों के झुंड में, क्यूँकि मैं आने वाले तूफ़ान का आग़ाज़ हूँ ,
जो थे मेरे साथ जब अकेला था मैं, मैं आने वाले कल में भी उनके साथ हूँ ,
और जो सोचते थे कि गिरूँगा मैं लड़खड़ाते हुए ज़िंदगी में, उनके लिए एक बुरा ख़्वाब हूँ ,
सपनो को अपने मैं लेकर उडूँगा एक दिन,
जैसे हवा को चीरता हुआ जहाज़ हूँ ,
पर फ़िलहाल बिखरा हुआ शब्द हूँ, एक टूटा हुआ साज हूँ ।।
Bhuleyaa ni me kita ohda koi v waada
oh taa haini par pale aj v ne ohdiyaa yaada
ਭੁਲਿਆ ਨੀ ਮੈ ਕਿਤਾ ਉਹਦਾ ਕੋਈ ਵੀ ਵਾਅਦਾ …..
ਉਹ ਤਾ ਹੇਨੀ ਪਰ ਪੱਲੇ ਅੱਜ ਵੀ ਨੇ ਉਹਦੀਆਂ ਯਾਦਾਂ