ਇੱਕ ਹੀਰੇ ਨੂੰ ਪਿਘਲਾਉਣ ਲਈ
ਸਾਰੇ ਕੱਚ ਦੇ ਟੁਕੜੇ… ਧੁੱਪੇ ਸੜ ਰਹੇ ਆ… ਬਸ
ਇਹਨਾਂ ਕਰਕੇ ਹੀ ਮੇਰੀ ਚਮਕ ਵੱਧ ਰਹੀ ਆ…..
ik heere nu piglaun lai
saare kach de dukdhe… dhupe sadh rahe aa.. bas
ehnaa karke hi meri chamak wadh rahi aa
ਇੱਕ ਹੀਰੇ ਨੂੰ ਪਿਘਲਾਉਣ ਲਈ
ਸਾਰੇ ਕੱਚ ਦੇ ਟੁਕੜੇ… ਧੁੱਪੇ ਸੜ ਰਹੇ ਆ… ਬਸ
ਇਹਨਾਂ ਕਰਕੇ ਹੀ ਮੇਰੀ ਚਮਕ ਵੱਧ ਰਹੀ ਆ…..
ik heere nu piglaun lai
saare kach de dukdhe… dhupe sadh rahe aa.. bas
ehnaa karke hi meri chamak wadh rahi aa
वो खुशियों की डगर, वो राहों में हमसफ़र,
वो साथी था जाना पहचाना,
दिल हैं उसकी यादों का दीवाना
वो साथ था जाना पहचाना
गम तो कई उसने भी देखे,
पर राहों में चले खुशियों को लेके
दिल चाहता हैं हर दम हम साथ चलें,
पर इस राह में कई काले बादल हैं घने
वो साथ था जाना पहचाना
मेरे आसुओं को था जिसने थामा,
मुझसे ज्यादा मुझको पहचाना
चारों तरफ था घनघोर अँधियारा,
बनकर आया था जीवन में उजियारा
वो साथ था जाना पहचाना
गिन-गिन कर तारे भी गिन जाऊ,
पर उसकी यादों को भुला ना पाऊ
कहता था अक्सर हर दिन हैं मस्ताना,
हर राह में खुशियों का तराना
वो साथ था जाना पहचाना
कहता हैं मुझे भूल जाना,
अपनी यादों में ना बसाना
देना चाहूँ हर ख़ुशी उसे,
इसीलिए, मिटाना चाहूँ दिल से
वो साथ था जाना पहचाना
तरुण चौधरी