ਇੱਕ ਹੀਰੇ ਨੂੰ ਪਿਘਲਾਉਣ ਲਈ
ਸਾਰੇ ਕੱਚ ਦੇ ਟੁਕੜੇ… ਧੁੱਪੇ ਸੜ ਰਹੇ ਆ… ਬਸ
ਇਹਨਾਂ ਕਰਕੇ ਹੀ ਮੇਰੀ ਚਮਕ ਵੱਧ ਰਹੀ ਆ…..
ik heere nu piglaun lai
saare kach de dukdhe… dhupe sadh rahe aa.. bas
ehnaa karke hi meri chamak wadh rahi aa
ਇੱਕ ਹੀਰੇ ਨੂੰ ਪਿਘਲਾਉਣ ਲਈ
ਸਾਰੇ ਕੱਚ ਦੇ ਟੁਕੜੇ… ਧੁੱਪੇ ਸੜ ਰਹੇ ਆ… ਬਸ
ਇਹਨਾਂ ਕਰਕੇ ਹੀ ਮੇਰੀ ਚਮਕ ਵੱਧ ਰਹੀ ਆ…..
ik heere nu piglaun lai
saare kach de dukdhe… dhupe sadh rahe aa.. bas
ehnaa karke hi meri chamak wadh rahi aa
है वो मेरी मोहब्बत की रूह, इसलिए पास मेरे वो रहती है..
मुझे पागल समझेगी ये दुनिया, तभी वो कुछ ना कहती है..
सुबह उठे साथ में वो मेरे, शाम आंखों के साथ वो ढलती है..
वो जी ना सकी जो साथ मेरे, तो मरके साथ में चलती है..
राहें तो बदल गयीं उसकी मगर, राहौं से मुडी वो रहती है..
मेरी रूह से जुडना है हक उसका, तभी साथ जुडी वो रहती है..
हर खुशी बांटती है मेरी, हर गम मेरे संग सहती है..
मुझे वो लगती है अपनी, और मुझे वो अपना कहती है….
मुझे तालाश नहीं कोई मंजिल की
जब राहो में मेरे साथ हो तुम।
मुझे नहीं चाहिए दौलत सूरत
मेरी इक बस अरमान हो तुम।
बंजर पड़ी मेरी ज़िंदगी को
शोभन करे वो बरसात हो तुम।
मेरी कौफ सी काली रातो को
रोषण करे वो चांद हो तुम।
मेरा दिन बन जाता लबो पे आते
वो खुदा सुनहरा नाम हो तुम।
मेरी हर मुश्किल को चीर के आगे
वो धनुष से निकला बान हो तुम।
मेरी हर दर्द को दुर करे
मलहम सा लगा बाम हो तुम।
मुझे क्या जरूरत किसी ऑर सक्स की
जब हर लम्हों में साथ हो तुम।
मुझे तालाश नहीं कोई मंजिल की
जब रहो में मेरे साथ हो तुम।
जो तन को पल में सीतल कर दे
वो सुबह की पहली आजन हो तुम।
जो सह ले हर करवी बाते
वो मधुर मीठी मुस्कन हो तुम।
जो राहत से भितम गरमी से
वो पेरो की ठंडी छाओ हो तुम।
खोल दे आखे सही वक्त पे
वो शोर करती आलार्म हो तुम।
मुझे तालाश नहीं कोई मंजिल की
जब रहो में मेरे साथ हो तुम।।