इक इश्तहार छपा है अखबार में,
खुली सांसे भी बिकने लगी बाज़ार में,
रूह भी निचोड़ ली उसकी,
काट दी ज़बान बेगुनाह की,
मसला कुछ ज़रूरी नहीं,
बस थोड़ी बहस चलती है सरकार में...
Enjoy Every Movement of life!
इक इश्तहार छपा है अखबार में,
खुली सांसे भी बिकने लगी बाज़ार में,
रूह भी निचोड़ ली उसकी,
काट दी ज़बान बेगुनाह की,
मसला कुछ ज़रूरी नहीं,
बस थोड़ी बहस चलती है सरकार में...
Tumhari mohabbat mera deen
Tumhari chahat mera iman hogyi,
Tumhara naam mera kalma
Tumhe pana meri ibadat hogyi
सुबह-सुबह कलियों के खिलने के साथ,
नए दिन के एक प्यारे एहसास के साथ,
एक नये उत्साह और विश्वास के साथ,
दिन शुरू हो आपका एक मुस्कान के साथ।😊