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Ik ishthaar chhaapa hai akhbaar me || life shayari

इक इश्तहार छपा है अखबार में,
खुली सांसे भी बिकने लगी बाज़ार में,
रूह भी निचोड़ ली उसकी,
काट दी ज़बान बेगुनाह की,
मसला कुछ ज़रूरी नहीं,
बस थोड़ी बहस चलती है सरकार में...

Title: Ik ishthaar chhaapa hai akhbaar me || life shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


ohdi Shooh thandi hawa vargi || tareef shayari || beautiful Punjabi shayari

Ohdi shooh thandi hawa vargi
Ohda bolna koi mithde shand varga🥰..!!
Ohda hassna gulab diyan pattiya jiwe
Ohda mukhda sohna sohne chand varga😍..!!

ਉਹਦੀ ਛੂਹ ਠੰਡੀ ਹਵਾ ਵਰਗੀ
ਉਹਦਾ ਬੋਲਣਾ ਕੋਈ ਮਿੱਠੜੇ ਛੰਦ ਵਰਗਾ🥰..!!
ਉਹਦਾ ਹੱਸਣਾ ਗੁਲਾਬ ਦੀਆਂ ਪੱਤੀਆਂ ਜਿਵੇਂ
ਉਹਦਾ ਮੁੱਖੜਾ ਸੋਹਣਾ ਸੋਹਣੇ ਚੰਦ ਵਰਗਾ😍..!!

Title: ohdi Shooh thandi hawa vargi || tareef shayari || beautiful Punjabi shayari


Ek aurat || hindi poetry

👧 *बाँझपन एक कलंक क्यों ???*👧

एक औरत माँ बने तो जीवन सार्थक
अगर माँ न बने तो जीवन ही निरथर्क,
किसने कहा है ये, कहाँ लिखा है ये,
कलंकित बोल-बोल जीवन बनाते नरक।

बाँझ बोलकर हर कोई चिढ़ाते,
शगुन-अपशगुन की बात समझाते।
बंजर ज़मीं का नाम दिया है मुझे,
पीछे क्या, सामने ही मेरा मज़ाक़ उड़ाते।

ममत्व का पाठ मैं भी जानती,
हर बच्चे को अपना मानती,
कोख़ से जन्म दूँ, ज़रूरी नहीं,
लहू का रंग मैं भी पहचानती।

आँचल में मेरे है प्यार भरा,
ममता की मूरत हूँ देख ज़रा,
क़द्र जानूँ मैं बच्चों की,
नज़र से मुझे ज़माने न गिरा।

कलंक नहीं हूँ इतना ज़रा बता दूँ,
समाज को एक नया पाठ सीखा दूँ,
बच्चा न जन्म दे सकी तो क्या,
समाज पे बराबर का हक़ मैं जता दूँ।
समाज पे बराबर का हक़ मैं जता दूँ।

Title: Ek aurat || hindi poetry