इक इश्तहार छपा है अखबार में,
खुली सांसे भी बिकने लगी बाज़ार में,
रूह भी निचोड़ ली उसकी,
काट दी ज़बान बेगुनाह की,
मसला कुछ ज़रूरी नहीं,
बस थोड़ी बहस चलती है सरकार में...
Enjoy Every Movement of life!
इक इश्तहार छपा है अखबार में,
खुली सांसे भी बिकने लगी बाज़ार में,
रूह भी निचोड़ ली उसकी,
काट दी ज़बान बेगुनाह की,
मसला कुछ ज़रूरी नहीं,
बस थोड़ी बहस चलती है सरकार में...
Chl shdd mnaa ..ki jana usde daraa te..
Jisnu Saar hi nhi mere halaatan di..!!
“Roop”sajda kriye taa us dar te ja k kriye..
Jithe kadar howe jajbataan di..!!
ਚੱਲ ਛੱਡ ਮਨਾਂ.. ਕੀ ਜਾਣਾ ਉਸਦੇ ਦਰਾਂ ਤੇ..
ਜਿਸਨੂੰ ਸਾਰ ਹੀ ਨਹੀਂ ਮੇਰੇ ਹਾਲਾਤਾਂ ਦੀ..!!
“ਰੂਪ”ਸਜਦਾ ਕਰੀਏ ਤਾਂ ਉਸ ਦਰ ਤੇ ਜਾ ਕੇ ਕਰੀਏ..
ਜਿੱਥੇ ਕਦਰ ਹੋਵੇ ਜਜਬਾਤਾਂ ਦੀ..!!
इस ❤️मोहब्बत की 🌧️बारिश में अब भीगना ❌नहीं है …🤪
हाँ इश्क ❤️है तुमसे मगर🤪 अब_कहना नहीं है😬😬