इक इश्तहार छपा है अखबार में,
खुली सांसे भी बिकने लगी बाज़ार में,
रूह भी निचोड़ ली उसकी,
काट दी ज़बान बेगुनाह की,
मसला कुछ ज़रूरी नहीं,
बस थोड़ी बहस चलती है सरकार में...
Enjoy Every Movement of life!
इक इश्तहार छपा है अखबार में,
खुली सांसे भी बिकने लगी बाज़ार में,
रूह भी निचोड़ ली उसकी,
काट दी ज़बान बेगुनाह की,
मसला कुछ ज़रूरी नहीं,
बस थोड़ी बहस चलती है सरकार में...
Eh mohobbat vassdi ohni dili
Jo ibadat rab vang karda howe..!!
Jithe lod na reh jawe duniya di
Dil ikk utte hi marda howe.!!
ਇਹ ਮੋਹੁੱਬਤ ਵੱਸਦੀ ਉਹਨੀਂ ਦਿਲੀਂ
ਜੋ ਇਬਾਦਤ ਰੱਬ ਵਾਂਗ ਕਰਦਾ ਹੋਵੇ..!!
ਜਿੱਥੇ ਲੋੜ ਨਾ ਰਹਿ ਜਾਵੇ ਦੁਨੀਆਂ ਦੀ
ਦਿਲ ਇੱਕ ਉੱਤੇ ਹੀ ਮਰਦਾ ਹੋਵੇ..!!
