इक इश्तहार छपा है अखबार में,
खुली सांसे भी बिकने लगी बाज़ार में,
रूह भी निचोड़ ली उसकी,
काट दी ज़बान बेगुनाह की,
मसला कुछ ज़रूरी नहीं,
बस थोड़ी बहस चलती है सरकार में...
Enjoy Every Movement of life!
इक इश्तहार छपा है अखबार में,
खुली सांसे भी बिकने लगी बाज़ार में,
रूह भी निचोड़ ली उसकी,
काट दी ज़बान बेगुनाह की,
मसला कुछ ज़रूरी नहीं,
बस थोड़ी बहस चलती है सरकार में...
Ik taara te ik me
dowe iko jehe
oh chann nu vekh tutteyaa jawe
te me tainu vekh
ਇਕ ਤਾਰਾ ਤੇ ਇਕ ਮੈਂ
ਦੋਵੇਂ ਇਕੋ ਜਿਹੇ
ਓਹ ਚੰਨ ਨੂੰ ਵੇਖ ਟੁਟਿਆ ਜਾਵੇ
ਤੇ ਮੈਂ ਤੈਨੂੰ ਵੇਖ
