इक इश्तहार छपा है अखबार में,
खुली सांसे भी बिकने लगी बाज़ार में,
रूह भी निचोड़ ली उसकी,
काट दी ज़बान बेगुनाह की,
मसला कुछ ज़रूरी नहीं,
बस थोड़ी बहस चलती है सरकार में...
Enjoy Every Movement of life!
इक इश्तहार छपा है अखबार में,
खुली सांसे भी बिकने लगी बाज़ार में,
रूह भी निचोड़ ली उसकी,
काट दी ज़बान बेगुनाह की,
मसला कुछ ज़रूरी नहीं,
बस थोड़ी बहस चलती है सरकार में...
Naseeb Apna Hai Ruthe Hue Sanam Ki Tarah
Agar Khushi Kabhi Milti Bhi Hai To Gham Ki Tarah.
Rekhta Pataulvi
Khiyal kare je mere hasseyan te oh
Hassde chehre ki te ronde mukhde ki😇..!!
Ohnu fark pai jawe je mere hnjhuyan naal
Fir dard ki te dukhde ki😊..!!
ਖਿਆਲ ਕਰੇ ਜੇ ਮੇਰੇ ਹਾਸਿਆਂ ‘ਤੇ ਉਹ
ਹੱਸਦੇ ਚਿਹਰੇ ਕੀ ਤੇ ਰੋਂਦੇ ਮੁੱਖੜੇ ਕੀ😇..!!
ਉਹਨੂੰ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇ ਜੇ ਮੇਰੇ ਹੰਝੂਆਂ ਨਾਲ
ਫਿਰ ਦਰਦ ਕੀ ਤੇ ਦੁੱਖੜੇ ਕੀ😊..!!