इक इश्तहार छपा है अखबार में,
खुली सांसे भी बिकने लगी बाज़ार में,
रूह भी निचोड़ ली उसकी,
काट दी ज़बान बेगुनाह की,
मसला कुछ ज़रूरी नहीं,
बस थोड़ी बहस चलती है सरकार में...
Enjoy Every Movement of life!
इक इश्तहार छपा है अखबार में,
खुली सांसे भी बिकने लगी बाज़ार में,
रूह भी निचोड़ ली उसकी,
काट दी ज़बान बेगुनाह की,
मसला कुछ ज़रूरी नहीं,
बस थोड़ी बहस चलती है सरकार में...
Use chhod jaane ke liye ek bahana kaafi hai
wo har pal rahe paas mere dua jehi rabb se maangi hai
ਉਸੇ ਛੋਡ ਜਾਣੇ ਕੇ ਲਿਏ ਏਕ ਬਹਾਨਾ ਕਾਫ਼ੀ ਹੈ,
ਵੋ ਹਰ ਪਲ ਰਹੇ ਪਾਸ ਮੇਰੇ ਦੁਆ ਜਹੀ ਰੱਬ ਸੇ ਮਾਂਗੀ ਹੈ
