इक इश्तहार छपा है अखबार में,
खुली सांसे भी बिकने लगी बाज़ार में,
रूह भी निचोड़ ली उसकी,
काट दी ज़बान बेगुनाह की,
मसला कुछ ज़रूरी नहीं,
बस थोड़ी बहस चलती है सरकार में...
इक इश्तहार छपा है अखबार में,
खुली सांसे भी बिकने लगी बाज़ार में,
रूह भी निचोड़ ली उसकी,
काट दी ज़बान बेगुनाह की,
मसला कुछ ज़रूरी नहीं,
बस थोड़ी बहस चलती है सरकार में...
Ham samjhte the diwaali ko chaand nahi nikalta
unko dekha toh hamari galat-fehmi door ho gai
ਹਮ ਸਮਝਤੇ ਥੇ ਦਿਵਾਲੀ ਕੋ ਚਾਦ ਨਹੀਂ ਨਿਕਲਤਾ
ਉਨਕੋ ਦੇਖ਼ਾ ਤੋ ਹਮਾਰੀ ਗਲਤਫਹਿਮੀ ਦੂਰ ਹੋ ਗਈ
Sohneya sajjna da chehra
Akhiyan ch vsaa baithe haan😍..!!
Bin chahe bin mangeya hi
Asi rabb nu paa baithe haan❤..!!
ਸੋਹਣਿਆ ਸੱਜਣਾ ਦਾ ਚਿਹਰਾ
ਅੱਖੀਆਂ ‘ਚ ਵਸਾ ਬੈਠੇ ਹਾਂ😍..!!
ਬਿਨ ਚਾਹੇ ਬਿਨ ਮੰਗਿਆਂ ਹੀ
ਅਸੀਂ ਰੱਬ ਨੂੰ ਪਾ ਬੈਠੇ ਹਾਂ❤..!!