इक इश्तहार छपा है अखबार में,
खुली सांसे भी बिकने लगी बाज़ार में,
रूह भी निचोड़ ली उसकी,
काट दी ज़बान बेगुनाह की,
मसला कुछ ज़रूरी नहीं,
बस थोड़ी बहस चलती है सरकार में...
इक इश्तहार छपा है अखबार में,
खुली सांसे भी बिकने लगी बाज़ार में,
रूह भी निचोड़ ली उसकी,
काट दी ज़बान बेगुनाह की,
मसला कुछ ज़रूरी नहीं,
बस थोड़ी बहस चलती है सरकार में...
Apke bina kisi ko do pal bhi de,
Iski izazat dil hume nahi deta.!
Aur apne soch bhi kaise liya.?
ki hum dil se bagavat kar jayenge.!
Apke siva, kisi aur ke naam apni zindagi kar jayenge.!
_prajakta patil
Khushiyon se bhara har pal hota hai
Zindagi mein sunehra har kal hota hai
Milti hai kaamyaabi usko jinke
Sar par pita ka hath hota hai..🥀
खुशियों से भरा हर पल होता है,
ज़िन्दगी में सुनहरा हर कल होता है,
मिलती है कामयाबी उन को जिनके,
सर पर पिता का हाथ होता है..!!🥀