इक इश्तहार छपा है अखबार में,
खुली सांसे भी बिकने लगी बाज़ार में,
रूह भी निचोड़ ली उसकी,
काट दी ज़बान बेगुनाह की,
मसला कुछ ज़रूरी नहीं,
बस थोड़ी बहस चलती है सरकार में...
Enjoy Every Movement of life!
इक इश्तहार छपा है अखबार में,
खुली सांसे भी बिकने लगी बाज़ार में,
रूह भी निचोड़ ली उसकी,
काट दी ज़बान बेगुनाह की,
मसला कुछ ज़रूरी नहीं,
बस थोड़ी बहस चलती है सरकार में...
Dungha ishq dunghai jiwe khoohan di
Tere naal mohobbat roohan di❤️..!!
ਡੂੰਘਾ ਇਸ਼ਕ ਡੂੰਘਾਈ ਜਿਵੇਂ ਖੂਹਾਂ ਦੀ
ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਮੋਹੁੱਬਤ ਰੂਹਾਂ ਦੀ❤️..!!
Life is like a coin. You can spend it anytime you wish but you can spend it only once.