इक इश्तहार छपा है अखबार में,
खुली सांसे भी बिकने लगी बाज़ार में,
रूह भी निचोड़ ली उसकी,
काट दी ज़बान बेगुनाह की,
मसला कुछ ज़रूरी नहीं,
बस थोड़ी बहस चलती है सरकार में...
Enjoy Every Movement of life!
इक इश्तहार छपा है अखबार में,
खुली सांसे भी बिकने लगी बाज़ार में,
रूह भी निचोड़ ली उसकी,
काट दी ज़बान बेगुनाह की,
मसला कुछ ज़रूरी नहीं,
बस थोड़ी बहस चलती है सरकार में...
Dil di kahdi sun layi c
Seene te lazmi c fatt hona..!!
Gall enni Jada vadh gayi c
Ke piche nhi c hatt hona..!!
ਦਿਲ ਦੀ ਕਾਹਦੀ ਸੁਣ ਲਈ ਸੀ
ਸੀਨੇ ‘ਤੇ ਲਾਜ਼ਮੀ ਸੀ ਫੱਟ ਹੋਣਾ..!!
ਗੱਲ ਇੰਨੀ ਜ਼ਿਆਦਾ ਵੱਧ ਗਈ ਸੀ
ਕਿ ਪਿੱਛੇ ਨਹੀਂ ਸੀ ਹੱਟ ਹੋਣਾ..!!
तेरी यादों के साये ,
मुझे घेरे रहते हैं,
ना दिन को चैन,
ना रात में सोने देते हैं।