इक इश्तहार छपा है अखबार में,
खुली सांसे भी बिकने लगी बाज़ार में,
रूह भी निचोड़ ली उसकी,
काट दी ज़बान बेगुनाह की,
मसला कुछ ज़रूरी नहीं,
बस थोड़ी बहस चलती है सरकार में...
Enjoy Every Movement of life!
इक इश्तहार छपा है अखबार में,
खुली सांसे भी बिकने लगी बाज़ार में,
रूह भी निचोड़ ली उसकी,
काट दी ज़बान बेगुनाह की,
मसला कुछ ज़रूरी नहीं,
बस थोड़ी बहस चलती है सरकार में...
Hum roz na jaane kitne dard sehte hain,
Uski yaad me din raat marte hain.
Are koi jakar use batao,
Uske maa-baap ke baad sabse jyda pyaar use hum karte hain ❤️
me gumnaam hi changa haa
jekar naam hoeyaa
taa koi mashoor badnaam hoega
ਮੈਂ ਗੁੰਮਨਾਮ ਹੀ ਚੰਗਾ ਹਾ
ਜੇਕਰ ਨਾਮ ਹੋਇਆ
ਤਾਂ ਕੋਈ ਮਸ਼ਹੂਰ ਬਦਨਾਮ ਹੋਏਗਾ