Skip to content

Ik ishthaar chhaapa hai akhbaar me || life shayari

इक इश्तहार छपा है अखबार में,
खुली सांसे भी बिकने लगी बाज़ार में,
रूह भी निचोड़ ली उसकी,
काट दी ज़बान बेगुनाह की,
मसला कुछ ज़रूरी नहीं,
बस थोड़ी बहस चलती है सरकार में...

Title: Ik ishthaar chhaapa hai akhbaar me || life shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Priority || English quotes

English quotes || priority quotes




Chahat || beautiful shayari || hindi shayari

रूठना खफा रहना ये वफा नही होती
चाहतों में लोगो से क्या खता नही होती
सबको एक जैसा क्यू समझने लगते हो
क्योंकि सारी दुनिया तो बेवफा नहीं होती
हर किसी से यारी हर किसी से वायदे
प्यार करने वालो में ये अदा नहीं होती
बे-नकाब चेहरे भी एक हिजाब रखते है
सिर्फ सात परिंदो में तो हया नही होती
सबकुछ खो दिया उसके प्यार में हमने
क्या ये भी चाहत की इंतेहा नही होती💯🙃

Title: Chahat || beautiful shayari || hindi shayari