इक इश्तहार छपा है अखबार में,
खुली सांसे भी बिकने लगी बाज़ार में,
रूह भी निचोड़ ली उसकी,
काट दी ज़बान बेगुनाह की,
मसला कुछ ज़रूरी नहीं,
बस थोड़ी बहस चलती है सरकार में...
Enjoy Every Movement of life!
इक इश्तहार छपा है अखबार में,
खुली सांसे भी बिकने लगी बाज़ार में,
रूह भी निचोड़ ली उसकी,
काट दी ज़बान बेगुनाह की,
मसला कुछ ज़रूरी नहीं,
बस थोड़ी बहस चलती है सरकार में...
ਇਥੇ ਸਾਰੇ ਮਤਲਬ ਦੇ ਯਾਰ ਨੇਂ
ਜਦੋਂ ਤਕ ਪੈਸਾ ਓਹਦੋਂ ਤੱਕ ਪਿਆਰ ਨੇਂ
ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਮਰਜ਼ੀ ਕਰਲੋ ਕਿਸੇ ਲਈ
ਐਹਣਾ ਲਈ ਦਿਲ ਦੇ ਸਾਫ਼ ਬੰਦੇ ਬੇਕਾਰ ਨੇ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
Mei apni tadap kuch yun bayan karti hu ki
hum yaha aapse baat karne ko marr rahe hain
aur aap gumshuda hokar kahin beparwah bethe honge💔💔💔
मैं अपनी तड़प कुछ यूँ बयान करती हूँ
हम यहाँ आपसे बात करने को मर रहे हैं
और आप गुमशुदा होकर कहीं बेपरवाह बैठे होंगे💔💔💔