Chahe ik tarfa hi sahi,
Haan…pyaar main tainu hi kardi haan,
Hassa jagg da bann jaye na,
Taahi izhaar krn ton dardi haan…..
Chahe ik tarfa hi sahi,
Haan…pyaar main tainu hi kardi haan,
Hassa jagg da bann jaye na,
Taahi izhaar krn ton dardi haan…..
जीवन में वह था एक कुसुम,
थे उस पर नित्य निछावर तुम,
वह सूख गया तो सूख गया;
मधुवन की छाती को देखो,
सूखीं कितनी इसकी कलियाँ,
मुरझाईं कितनी वल्लरियाँ जो
मुरझाईं फिर कहाँ खिलीं;
पर बोलो सूखे फूलों पर
कब मधुवन शोर मचाता है;
जो बीत गई सो बात गई!
जीवन में मधु का प्याला था,
तुमने तन-मन दे डाला था,
वह टूट गया तो टूट गया;
मदिरालय का आँगन देखो,
कितने प्याले हिल जाते हैं,
गिर मिट्टी में मिल जाते हैं,
जो गिरते हैं कब उठते हैं;
पर बोलो टूटे प्यालों पर
कब मदिरालय पछताता है!
जो बीत गई सो बात गई!
मृदु मिट्टी के हैं बने हुए,
मधुघट फूटा ही करते हैं,
लघु जीवन लेकर आए हैं,
प्याले टूटा ही करते हैं,
फिर भी मदिरालय के अंदर
मधु के घट हैं, मधुप्याले हैं,
जो मादकता के मारे हैं
वे मधु लूटा ही करते हैं;
वह कच्चा पीने वाला है
जिसकी ममता घट-प्यालों पर,
जो सच्चे मधु से जला हुआ
कब रोता है, चिल्लाता है!
जो बीत गई सो बात गई!
ये रिश्ता है हंसी मजाक का,
हंसी वाली मुस्कान और गम वाले आंसू का,
छोटी-छोटी बातों पर रूठ जाने का,
और फिर खुद ही मान जाने का,
यह रिश्ता है भाई और बहन का…!!
बहन वो जो हर आंसू छुपा दे भाई की खुशी के लिए,
और भाई वो जो हर हद पार कर दे बहन की खुशी के लिए,
बहन वो जो है राखी पर अपने प्यार को,
धागे में संजोकर भाई की कलाई पर बांध दें,
और भाई वो जो बहन की तकलीफ को,
देखकर दुनिया का हर बंधन तोड़ दे…!!
यह रिश्ता है चिड़ने का और चिड़ाने का,
शरारतों के पिटारो का,
कहीं और अनकही बातों का,
यह रिश्ता है बचपन की यादों का,
यह रिश्ता है प्यार की बगिया में विश्वास के फूल का…!!
जिसकी पंखुड़ी हर आंसू पी जाती है,
जिसको देखकर चेहरे पर सिर्फ खुशी रह जाती है,
जिसकी खुशबू जहन में और जिसकी तस्वीर यादों में,
हमेशा के लिए कैद हो जाती है,
यह रिश्ता है एक भाई का उसकी बहन से,
रिश्ता है मेरी राखी का तेरी कलाई से,
यह रिश्ता है भाई दूज के तिलक से,
रिश्ता है भाई और बहन का…!!
यह रिश्ता है भाई और बहन का…!!