
galtiya kade nahi dohraunga..
tere naal mai ta poori jeeni zindagi
paun layi tenu sab kar jaungaa..
oh sajda mai kraa vaar vaar sohniyee..
jaan nalo wad kra ppyaar sohniyee…
dil vich tere layi mai thaa rakhi hai
tahiyo sachi kra izhaar sohniye

Vo roye to bhut par mujhse mooh mod kar roye
Koi majboori hogi jo dil tod kar roye
Mere samne kar diye…Meri tasveer ke tukde
Pta chala mere piche vo unhe jod kar roye
वो रोए तो बहुत पर मुझसे मुंह मोड़ कर रोए,
कोई मजबूरी होगी जो दिल तोड़ कर रोए,
मेरे सामने कर दिए… मेरी तस्वीर के टुकड़े,
पता चला मेरे पीछे वो उन्हे जोड़ कर रोए।
नफ़रत का भाव ज्यों ज्यों खोता चला गया, मैं रफ्ता रफ्ता आदमी होता चला गया। फिर हो गया प्यार की गंगा से तर बतर, गुजरा जिधर से सबको भिगोता चला गया। सोचा हमेशा मुझसे किसी का बुरा न हो, नेकी हुई तो दरिया में डुबोता चला गया। कटुता की सुई लेके खड़े थे जो मेरे मीत, सद्भावना के फूल पिरोता चला गया। जितना सुना था उतना जमाना बुरा नहीं, विश्वास अपने आप पर होता चला गया। अपने से ही बनती है बिगड़ती है ये दुनियां, मैं अपने मन के मैल को धोता चला गया। उपजाऊ दिल है बेहद मेरे शहर के लोग, हर दिल में बीज प्यार का बोता चला गया।...