Yuhi waqt bewaqt teri raah takte barso beet gye
Fir bhi meri nazro me tere liye intezaar wahi hain… 🥀
यूँहीं वक़्त बेवक़्त तेरी राह तकते बरसों बीत गए
फ़िर भी मेरी नज़रों मे तेरे लिए इंतज़ार वही हैं।। 🥀
Yuhi waqt bewaqt teri raah takte barso beet gye
Fir bhi meri nazro me tere liye intezaar wahi hain… 🥀
यूँहीं वक़्त बेवक़्त तेरी राह तकते बरसों बीत गए
फ़िर भी मेरी नज़रों मे तेरे लिए इंतज़ार वही हैं।। 🥀
अकबर बादशाह को मजाक करने की आदत थी। एक दिन उन्होंने नगर के सेठों से कहा-
“आज से तुम लोगों को पहरेदारी करनी पड़ेगी।”
सुनकर सेठ घबरा गए और बीरबल के पास पहुँचकर अपनी फरियाद रखी।
बीरबल ने उन्हें हिम्मत बँधायी,
“तुम सब अपनी पगड़ियों को पैर में और पायजामों को सिर पर लपेटकर रात्रि के समय में नगर में चिल्ला-चिल्लाकर कहते फिरो, अब तो आन पड़ी है।”
उधर बादशाह भी भेष बदलकर नगर में गश्त लगाने निकले। सेठों का यह निराला स्वांग देखकर बादशाह पहले तो हँसे, फिर बोले-“यह सब क्या है ?”
सेठों के मुखिया ने कहा-
“जहाँपनाह, हम सेठ जन्म से गुड़ और तेल बेचने का काम सीखकर आए हैं, भला पहरेदीर क्या कर पाएँगे, अगर इतना ही जानते होते तो लोग हमें बनिया कहकर क्यों पुकारते?”
बादशाह अकबर बीरबल की चाल समझ गए और अपना हुक्म वापस ले लिया।
Likhna taa bahut kujh aunda
par tere naam ton sivaa kujh likhna ni chahunda
supne taa bahut aunde
par tere bagair koi supna ni chahunda
ਲਿਖਣਾ ਤਾਂ ਬਹੁਤ ਕੁਝ ਆਉਂਦਾ
ਪਰ ਤੇਰੇ ਨਾਮ ਤੋਂ ਸਿਵਾ ਕੁਝ ਲਿਖਣਾ ਨੀ ਚਾਹੁੰਦਾ,
ਸੁਪਣੇ ਤਾ ਬਹੁਤ ਆਉਂਦੇ
ਪਰ ਤੇਰੇ ਤੋਂ ਬਗੈਰ ਕੋਈ ਸੁਪਨਾ ਨੀ ਚਾਹੁੰਦਾ