इंतजार मैंने कभी उसका किया नहीं, वो ही थी जो करती थी.. मैं डरता था दुनिया से, वो एक ही मुझसे डरती थी.. ऐसा नहीं के खौफ में थी, बस प्यार वो मुझसे करती थी.. वो एक ही थी, वो एक ही है, जो मेरे लिए बस मरती थी..
इंतजार मैंने कभी उसका किया नहीं, वो ही थी जो करती थी.. मैं डरता था दुनिया से, वो एक ही मुझसे डरती थी.. ऐसा नहीं के खौफ में थी, बस प्यार वो मुझसे करती थी.. वो एक ही थी, वो एक ही है, जो मेरे लिए बस मरती थी..
kaise kroge ye matt puchna ,hmare pass jwaab nhi hai
par ye sunkar ye matt sochna ki hmari akho mai khaab nhi hai
सिर्फ मै ही क्यों?
मर्यादा तो तुमने भी तोड़ा
फिर इलज़ाम सिर्फ मुझ पर ही क्यों?
इश्क़ तो तुमने भी किया मुझ से
फिर बेवफ़ा सिर्फ हम कैसे,
यादे तो तेरी भी है मेरे साथ
फिर भुलु सिर्फ मै कैसे,
साथ तो तुमने भी छोड़ा
फिर आँशु सिर्फ मेरे आँखों मे ही क्यों?
-anjali kashyap