Hun intezaar na kar
befikre naal pyaar na kar
ਹੁਣ ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਨਾ ਕਰ
ਬੇਫਿਕਰੇ ਨਾਲ ਪਿਆਰ ਨਾਂ ਕਰ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
Hun intezaar na kar
befikre naal pyaar na kar
ਹੁਣ ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਨਾ ਕਰ
ਬੇਫਿਕਰੇ ਨਾਲ ਪਿਆਰ ਨਾਂ ਕਰ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
Shayari Har Dil Mein,
Umang Bhar Deti Hai
Jo Kabhi Berang The, Un Dilon Mein Bhi,
Mohabbat Ke Rang Bhar Deti Hai.
वो भी हमको मिल गया है क्या सितम है,
ग़म ही ग़म है क्या ही क्या है क्या सितम है।
देख ले इक मर्तबा तेरी तरफ़ जो,
रात दिन मांगे दुआ है क्या सितम है।
ज़िंदगी मेरी कहीं बस बीत जाए
बे वफ़ा तो हो गया है क्या सितम है।
इश्क़ तेरा अब जहर सा हो गया है,
वो जहर ही अब दवा है क्या सितम है।
आज कल घर से निकलते ही नहीं हो,
यार तुमको क्या हुआ है क्या सितम है।