Hun intezaar na kar
befikre naal pyaar na kar
ਹੁਣ ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਨਾ ਕਰ
ਬੇਫਿਕਰੇ ਨਾਲ ਪਿਆਰ ਨਾਂ ਕਰ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
Hun intezaar na kar
befikre naal pyaar na kar
ਹੁਣ ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਨਾ ਕਰ
ਬੇਫਿਕਰੇ ਨਾਲ ਪਿਆਰ ਨਾਂ ਕਰ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
घर मेरा एक बरगद है…..
मेरे पापा जिसकी जड़ है…!!
घनी छायो है मेरी माँ..
यही है मेरे आसमान…!!
पापा का है प्यार अनोखा..
जैसे शीतल हवा का झोका …!!
माँ की ममता सबसे प्यारी …
सबसे सुंदर सबसे नयारी….!!
हाथ पकड़ चलना सिखलाते
पापा हमको खूब घूमते ….!!
माँ मलहम बनकर लग जाती …
जब भी हमको चोट सताती..!!
माँ पापा बिन दुनिया सुनी
जैसे तपती आग की धुनी..!!
माँ ममता की धारा है …
पिता जीने का सहारा है…!!
Rab se bair rakhna
Te jeene ka kaisa tareeka hai
Chehre pe jhuthi muskaan
Ye zehan zehar bhi to peeta hai.
Jeb bhari hai noto se
Payal bhi khanakte sikko ka feeta hai
Bhool gaye na.. Vajud apna
Kya jeene ka ye akhiri tareeka hai???
रब से बैर रखना,
ये जीने का कैसा तरीका है…
चेहरे पे झूठी मुस्कान,
ये ज़हन ज़हर भी तो पीता है…
जेब भरी हैं नोटों से,
पायल भी खनकते सिक्कों का फीता है…
भूल गए ना, वजूद अपना,
क्या जीने का ये आखिरी तरीका है.???