Hun intezaar na kar
befikre naal pyaar na kar
ਹੁਣ ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਨਾ ਕਰ
ਬੇਫਿਕਰੇ ਨਾਲ ਪਿਆਰ ਨਾਂ ਕਰ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
Hun intezaar na kar
befikre naal pyaar na kar
ਹੁਣ ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਨਾ ਕਰ
ਬੇਫਿਕਰੇ ਨਾਲ ਪਿਆਰ ਨਾਂ ਕਰ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
वो मेरे चर्चे गुफ्तगू के बहाने से सबसे करते हैं,
ये जान के भी हम इस बात से हर पल मरते हैं,
जिन अपनो को के लिए सीने में मोहब्बत थी,
उनके अब हम पास गुजरने से भी बहुत डरते हैं,
मुझे कैद करके कितना जीने दे सकोगे तुम भला,
देखो कितनी शिद्दत से हम मौत की दुआ पढ़ते हैं,
मेरी जान को गुनाहों से तौल कर क्या पा लोगे,
मेरे हर्फ़ के वजन से गुनाह अक्सर बदलते हैं ,
उर्दू का कोई शायर होता मैं लफ्ज़ संभाल लेता,
गोया अगर होते तो लफ्ज़ न गिरते, न इतना संभलते।
तेरे इश्क में इस तरह नीलाम हो जाऊँ,
आखरी हो तेरी बोली और में तेरे नाम हो जाऊ
Tere ishq me is tarah neelam ho jau
aakhri ho teri boli aur me tere naam ho jau