hizar tere vich sajjna
assa apna aap mukaayea
samaa rutaa mausam beete
par tu mudh naa aayea
ਹਿਝਰ ਤੇਰੇ ਦੇ ਵਿਚ ਸੱਜਣਾਂ,,
ਅਸਾਂ ਅਪਣਾ ਆਪ ਮੁਕਾਇਆ ।
ਸਮਾਂ ਰੁੱਤਾਂ ਮੋਸਮ ਬੀਤੇ,,
ਪਰ ਤੂੰ ਮੁੜ ਨਾ ਆਇਆ ।
hizar tere vich sajjna
assa apna aap mukaayea
samaa rutaa mausam beete
par tu mudh naa aayea
ਹਿਝਰ ਤੇਰੇ ਦੇ ਵਿਚ ਸੱਜਣਾਂ,,
ਅਸਾਂ ਅਪਣਾ ਆਪ ਮੁਕਾਇਆ ।
ਸਮਾਂ ਰੁੱਤਾਂ ਮੋਸਮ ਬੀਤੇ,,
ਪਰ ਤੂੰ ਮੁੜ ਨਾ ਆਇਆ ।
उसकी वो मासूम सी आंखें, कभी-कभी मुझे झूठी सी लगती हैं..
उसकी वो सोच कर बनाई हुई बातें, अक्सर मुझे टूटी सी लगती हैं..
कभी मेरी नाराज़गी पर मुस्कुराती है, कभी प्यार पर रूठी सी लगती है..
कभी उसकी मामूली से हरकत भी मुझे, अनूठी सी लगती है..
कभी उसकी झुकी पलकों में इश्क होता है, कभी उठी सी लगती हैं..
उसके प्यार पर शक नहीं मुझे, फिर भी ना जाने क्यूं, झूठी सी लगती है..
heart rated 💔
तुझे देखने की ख्वाहिश ले के घर से तो निकल पड़ता हूँ…
यही सोच के कि तू आज मिलेगी जरूर…
पर इस दिल को क्या पता है… कि तू उसे भूल चुकी हैं…
यूँ तो तेरा हर बार का मुस्कुराना इन
हवाओं और फिज़ाओ में बसा हैं…
ये हवा जब भी तुझे छूकर गुजरती है…
ना चाहते हुए भी तू याद आ ही जाती है।