
Menu russi hoyi meri takdeer mili..!!
Sari raat mein hanjhuyan naal kattda reha
Silli hoyi sirhane ohdi tasveer mili..!!

मान लिखूँ सम्मान लिखूँ मैं।
आशय और बखान लिखूं मैं।
जिस नारी पर दुनिया आश्रित,
उसका ही बलिदान लिखूँ मैं।।
जीवन ऐसी बहती धारा,
जिसका प्यासा स्वयं किनारा,
पत्थर पत्थर अश्क उकेरे,
अधरों पर मुस्कान लिखूँ मैं।
मान——
कोमल है कमज़ोर नहीं है,
नारी है यह डोर नहीं है,
मनमर्ज़ी इसके संग करले
इतना कब आसान लिखूँ मैं
मान—-
बेटा हो या बेटी प्यारी,
जन्म सभी को देती नारी,
इसका अन्तस् पुलकित कोमल
इसके भी अरमान लिखूँ मैं
मान—-
हिम्मत से तक़दीर बदल दे,
मुस्कानों में पीर बदल दे,
प्रेम आस विश्वास की मूरत,
शब्द शब्द गुणगान लिखूँ मैं
मान——
Supne c aaye pole pabba naal je
galla rooh naal karan de ishaare dekhe me
akhaa chamakdiyaa noor badha chechre ute
bhai roope waleyaa sajjna de mukh de nazare dekhe me
ਸੁਪਨੇ ਚ ਆਏ ਪੋਲੇ ਪੱਬਾਂ ਨਾਲ ਜੇ
ਗੱਲਾਂ ਰੂਹ ਨਾਲ ਕਰਨ ਦੇ ਇਸ਼ਾਰੇ ਦੇਖੇ ਮੈਂ
ਅੱਖਾਂ ਚਮਕਦੀਆਂ ਨੂਰ ਬੜਾ ਚਿਹਰੇ ਉੱਤੇ
ਭਾਈ ਰੂਪੇ ਵਾਲਿਆ ਸੱਜਣਾ ਦੇ ਮੁੱਖ ਦੇ ਨਜ਼ਾਰੇ ਦੇਖੇ ਮੈਂ