“”Ishq Di Mere Mitraa.. Pehchaan ki…??
Mit Jaave Jadon Jid Apnan Di..””
Enjoy Every Movement of life!
“”Ishq Di Mere Mitraa.. Pehchaan ki…??
Mit Jaave Jadon Jid Apnan Di..””
बड़ा खुदगर्ज इश्क था तुम्हारा
खुद में ही सिमट कर रह गया
रोया मैं भी तेरे बाद बोहोत
फिर चुप चाप कही बैठ गया
और दिल हल्का हुआ तेरे बारे में बोलकर
जब एक दिन में यारो की महफिल में बैठ गया
Aakhir mohobbat unhi se kyu hoti hai
Jinhe na to hamari kadar hoti hai Or Na fikar💔..!!
आखिर मोहोब्बत उन्ही से क्यों होती है
जिन्हें न तो हमारी कदर होती है और न फिक्र 💔..!!