“”Ishq Di Mere Mitraa.. Pehchaan ki…??
Mit Jaave Jadon Jid Apnan Di..””
Enjoy Every Movement of life!
“”Ishq Di Mere Mitraa.. Pehchaan ki…??
Mit Jaave Jadon Jid Apnan Di..””
“हंसी में छिपे खामोशियों को महसूस किया है I
मैखाने में बुजुर्गों को भी जवान होते देखा है I
हमने इन्शानो को जरुरत के बाद अनजान होते देखा है I
क्यों भूल जाते है इंसान अपनी अस्तित्व पैसा आते ही I
दुनियां ने बड़े – बड़े राज महराजा को फ़क़ीर होते देखा है I”
