
Hakim na labhe mainu koi aisa, jo kare ilaaz is fatt da
fatt lawaae asin aise dunghe ishq de, na zind katdi, na din
tainu kinjh samjawaan main
tere bin ik pal v ni katda

Hakim na labhe mainu koi aisa, jo kare ilaaz is fatt da
fatt lawaae asin aise dunghe ishq de, na zind katdi, na din
tainu kinjh samjawaan main
tere bin ik pal v ni katda
chete e pal saare jo tere naal bataaye ne
mitt gaye yaada cho jo saah tere baajo aaye ne
likh waqt de paneyaa te nit taali jaana aa
tainu cheta aau mera jad koi shooh ke dil di langhugaa
ਚੇਤੇ ਏ ਪਲ ਸਾਰੇ ਜੋ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਬਤਾਏ ਨੇ
ਮਿਟ ਗੲੇ ਯਾਦਾਂ ਚੋਂ ਜੋ ਸਾਹ ਤੇਰੇ ਬਾਝੋਂ ਆਏ ਨੇ
ਲਿੱਖ ਵਖ਼ਤ ਦੇ ਪੰਨਿਆਂ ਤੇ ਨਿੱਤ ਟਾਲੀ ਜਾਨਾਂ ਆ
ਤੈਨੂੰ ਚੇਤਾ ਆਉ ਮੇਰਾ ਜਦ ਕੋਈ ਛੂਹ ਕੇ ਦਿਲ ਦੀ ਲੰਘੂਗਾ
लम्बीया राता यार दा विछोड़ा
मुंडेर ते बैठा है
एक जंगली कबूतरा दा जोड़ा
कर रहा गुटरगूं, गुटरगूं
जाने तू की कर रहा
दूर चिनारा ते विखरी है चांदनी
ते वेढा सादा महक रहा
रात दी रानी गुनगुना रही
दिल उदास मेरा तू ना आया
चित तेनु उडीक रहा
झींगुर ने छेड़ दिति तान
हव्वा वी पत्त्या नु ताल दे रही है
सीने दी धड़कन वी वड रही सरपट
गूंजी पपीहे दी पीहू-पीहू
नाल मेरे दिल दी पुकार
पर तू ना आया चित तेनु उडीक रहा
आँखा ते स्याह आसमान भरके
पूरी रात तारयां दे जोड़े बनाए
कित्ते कोई तारा टूटयां
चंद कल्ला रह गया
जीवे मैं तेरे बिन अधूरा रह रही
ऐवी गम दी रात गुजर जानी है
याद तेरी नाल सदा रह जानी है
याद वी नही हुंडी ते की करदे
हर्ष किवे होक्के भरदे
फेर वी तेनु पौन नु मन्नत मंग रही
चित रह रह के आज वी तेनु उडीक रही