Ishq ka ilam sikhne gya tha
aur logon ke chehre padhnaa sikh kar lautaa hoon
ईशक का ईलम सिखने गया था
और लोगों के चेहरे पढ़ना सिख कर लौटा हूं
Ishq ka ilam sikhne gya tha
aur logon ke chehre padhnaa sikh kar lautaa hoon
ईशक का ईलम सिखने गया था
और लोगों के चेहरे पढ़ना सिख कर लौटा हूं
Yun na najarandaaj karna mushkilo ko apni manzil takk pahuchane me sabse bada hath ini ka hai
यूं ना नजरंदाज करना मुश्किलों को अपनी मंजिल तक पहुंचाने में सबसे बड़ा हाथ इन्ही का है
कुछ हसीन रास्तों पर,
जब हाथ पकड़ कर हम निकले थे,
तुम करीब होकर भी गुज़र गए,
मानों तड़पकर दम निकले थे,
अब क्या जिंदगी से गुज़ारिश करूं,
यादों में उसकी मय थोड़ी बाक़ी है,
कोई जहां शायद ऐसा भी होगा,
जहां वो वक्त अब भी बाक़ी है...
चल कर देखेंगे वहां एक रोज़ हम भी,
वो वही जिंदगी है, या साक़ी है,
देख ले साक़ी ज़रा फिर से मयखाने में,
सब ख़त्म हो गई या शराब थोड़ी बाक़ी है...